अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़/झज्जर।
देशभर में विवादास्पद बनी रही संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के शो वीरवार को बहादुरगढ़ के सिनेटाइम मल्टीप्लेक्स में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच शुरू हो गए। दूसरी ओर, राजपूत सभा के कार्यकर्ताओं ने शहर में इकट्ठे होकर यह फिल्म दिखाने के प्रति रोष व्यक्त किया।
सिनेप्रेमियों ने कड़े पुलिस पहरे में भंसाली की फिल्म पद्मावत का आनंद लिया। इस मल्टीप्लेक्स में पिछले कई महीनों के दौरान लगी अन्य फिल्मों के मुकाबले पद्मावत देखने वालों की संख्या ज्यादा रही। इससे पहले बाहुबली फिल्म देखने वालों की भीड़ भी अधिक रही थी। कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने सिनेटाइम के बाहर वीरवार रात को ही 20 पुलिस कर्मी तैनात कर दिए थे। शुक्रवार को फिल्म शुरू होने से दो घंटे पहले ही भारी पुलिस बल यहां पहुंच गया।
दो शो गए हाउसफुल
सिनेमा प्रबंधन ने सुबह 8 बजे ही टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी थी। तीन थिएटर वाले इस मल्टीप्लेक्स में कुल 483 सीटें हैं। इनमें सुबह 7 बजे तक 62 सीटें बुक हो चुकी थी। करीब 10:10 पर फिल्म शुरू होने तक 100 दर्शक हो गए। लेकिन दिन में 1:10 पर शुरू हुआ शो में हाउसफुल रहा। एक थिएटर की कुल 170 सीटों में कोई भी खाली नहीं बची। उसके बाद 1:40 बजे का शो भी हाउसफुल रहा। इसकी दो बजे शुरू हुए शो में 143 सीटें भरी। सिनेमा मालिक राजेंद्र बधवार ने कहा कि पहले दिन शाम छह बजे तक 790 लोगों ने फिल्म देखी।
लगाई थी निषेधाज्ञा
डीएसपी भगतराम ने बताया कि पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन के दौरान सिनेमा हाल के आसपास व शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 100 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। सिनेमा हाल के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगाई गई थी। पुलिस बल में शहर थाने, बी कंपनी और पीटीएस सुनारियां से आए जवान भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि कहीं से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। उधर, राजपूत सभा के कार्यकर्ताओं ने सभा अध्यक्ष दिनेश शजेखावत की अगुवाई में लोक निर्माण विभाग के स्थानीय विश्राम गृह में इकट्ठे होकर फिल्म दिखाने के खिलाफ रोष जताया।
झज्जर में 350 लोगों ने देखी फिल्म
झज्जर के सुमन सिटी स्थितर मल्टीप्लेक्स में आठ शो चले। पहले शो में 85 लोगों ने पद्मावत देखी, दूसरे में 70 लोगों ने फिल्म का आनंद लिया। दिनभर में कुल 350 बिकी। पुलिस ने हाल के 200 मीटर दायरे में धारा 144 लगाई थी। एएसपी शशांक और डीएसपी हंसराज खुद कानून व्यवस्था की जिम्मेवारी संभाले हुए थे। हरेक दर्शक तलाशी के बाद ही हाल के अंदर जाने दिया गया।
विवाद पर धनखड़ ने साधी चुप्पी
पद्मावत फिल्म को लेकर चल रहे विवाद पर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ चुप्पी साधे हुए हैं। फिल्म को लेकर हुए विवाद के सही या गलत होने के पत्रकारों के सवाल पर शुक्रवार को मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। अंत में इस मुद्दे पर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी नहीं की। पत्रकारों ने फिल्म को लेकर हो रही हिंसक घटनाएं रोकने की अपील करने को कहा तो उन्होंने प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करना भी जरूरी नहीं समझा और मुस्करा कर गाड़ी में बैठकर चलते बने।
दर्शकों ने सराहा
पद्मावती देखकर बाहर निकले सिने प्रेमियों ने फिल्म की सराहना की। संदीप यादव व दिनेश कुमार ने कहा कि इस फिल्म में रानी पद्मावती के अपमान जैसी कोई बात नहीं है। बल्कि उनकी वीरता से अवगत कराया गया है। राजा रावल रत्न सिंह की गौरव गाथा भी दिखाई गई है। राजस्थान के महान अतीत से परिचित कराया गया है। सीमा, निधि व सुधाकर ने कहा कि फिल्म पर विवाद को नाहक बताया।