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टैग लगी गाय मिली मृत, गोभक्तों ने काटा बवाल

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नप के पास मृत मिली गोशाला की गया, बवाल
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चरखी दादरी।
सीएम के सामने नंदीशाला से मौका पाकर गायों को निकालने व मौत हो जाने पर गुपचुप तरीके से दफनाने का मामला उठने के बाद रविवार को टैग लगी गाय मृत मिलने पर गोभक्तों ने जमकर बवाल काटा। नगर परिषद कार्यालय परिसर के पिछली तरफ मृत मिली गाय को लेकर गोभक्त पहले नप कार्यालय पहुंचे तो फिर इसके बाद लघु सचिवालय आ गए। मामला डीसी के संज्ञान में आने पर नगर परिषद कर्मचारी हरकत में आए और मृत गाय को मिट्टी देकर मामले को शांत करवाया। वहीं, गोभक्तों ने चेतावनी दी है कि अगर अब कोई गाय शहर में मृत पाई जाती है तो इस बार इसे लेकर भाजपा विधायक सुखविंद्र मांढ़ी के आवास व भाजपा के स्थानीय कार्यालय के बाहर पहुंचेंगे। इधर बवाल की सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस लघु सचिवालय पहुंची और गोभक्तों को समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, गोभक्तों ने रविवार सुबह पुलिस द्वारा एक अन्य मृत गाय को भी गुपचुप ढंग से मिट्टी देने के आरोप लगाए हैं।
शनिवार को आयोजित जनता दरबार में अधिवक्ता संजीव तक्षक ने सीएम के सामने नंदीशाला में रखी गायों की लगातार हो रही मौत व वहां तैनात कर्मचारियों द्वारा इन्हें दफनाने की शिकायत दी गई थी। इस पर सीएम ने शिकायतकर्ता अधिवक्ता से इस संबंध में सबूत मांगें थे। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे गोभक्तों को नगर परिषद कार्यालय परिसर के पिछली तरफ एक मृत गाय पड़ी होने की सूचना मिली। रिंपी फौगाट की अगुवाई में गोभक्त मौके पर पहुंचे और नगर परिषद कर्मचारियों से मृत गाय को मिट्टी देने की मांग की। गोभक्त रिंपी फौगाट ने बताया कि रविवार को छुट्टी होने की बात कहकर नप कर्मियों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। रिंपी फौगाट ने बताया कि मृत गाय के कान पर टैग लगा हुआ था और यह नंदीशाला से ही निकाली गई थी। वहीं, नगर परिषद कर्मचारियों के मृत गाय को दफनाने से हाथ पीछे खींचने पर गोभक्तों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद गोभक्त मृत गाय को लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। यहां करीब डेढ़ घंटे देकर गाय का शव गोभक्तों ने रखा लेकिन किसी अधिकारी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। इसके बाद गोभक्त मृत गाय को रेहड़ी में लेकर लघु सचिवालय पहुंच गए। यहां गोभक्तों ने नारेबाजी कर अपना रोष जताया। इसके बाद मामले की सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस टीम ने समझा-बुझाकर गोभक्तों को शांत कराने का प्रयास किया।
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शव उठाने को नहीं ठेकेदार, मिट्टी देने के लिए नहीं जगह
गोभक्त रिंपी फौगाट व उनकी टीम ने बताया कि प्रतिदिन शहर में एक गोवंश की मौत हो रही है। इसके बावजूद नगर परिषद ने मृत गायों को उठाने के लिए ठेका तक नहीं दिया है। वहीं, नगर परिषद कर्मचारियों के आनाकानी करने पर गोभक्त ही मृत गायों को मिट्टी देने को मजबूर हैं। रिंपी फौगाट ने बताया कि नगर परिषद के पास तो मृत गायों को दफनाने के लिए जगह तक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सोमवार को शहर में कहीं भी गाय मृत मिली तो इसे लेकर वो भाजपा विधायक के आवास या पार्टी कार्यालय पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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वर्जन::
नंदीशाला से गोवंशों को कोई कर्मचारी नहीं निकाल रहा है और न ही गोवंश की यहां मौत हो रही है। फिर भी अगर यहां तैनात कर्मचारियों पर कोई आरोप लगे हैं तो मैं मामले की जांच करूंगा और अगर कोई दोषी मिला तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भी विधायक, सांसदों सहित सामाजिक संगठनों से नंदीशाला व पशुबाड़ा की व्यवस्थाएं बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
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