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पोस्टमार्टम के 46 घंटे बाद परिजनों ने लिया दिनेश का शव, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार

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चरखी दादरी। कलियाणा निवासी दिनेश का शव परिजनों ने बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पोस्टमार्टम के 46 घंटे बाद लिया। इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार कंवल सिंह ने परिजनों को कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद शव सौंपा। वहीं, मृतक का दाह-संस्कार भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किया गया। इससे पहले बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से खफा मृतक के परिजन एनएच-148 बी पर उतर आए और सड़क पर लेट गए लेकिन पुलिस ने हरकत में आकर उनको तुरंत वहां से उठा दिया। पुलिस ने इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बाधित नहीं होने दी।
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रविवार को कलियाणा निवासी दिनेश (35) का शव गांव निवासी शशि के प्लॉट के समीप से पुलिस ने बरामद किया था। शव के गर्दन पर दो वार मिले थे जबकि एक वार में उसके हाथ की दो अंगुलियां कट गई थीं। सोमवार सुबह से ही परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। उन्होंने पुलिस पर इस मामले में देरी से एफआईआर दर्ज करने के आरोप भी लगाए थे। पुलिस ने सोमवार को ही इस संबंध में चार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। परिजनों की पहले आरोपियों की गिरफ्तारी और बाद में शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग थी। मृतक के परिजनों की सदर थाने में सोमवार को डीएसपी प्रदीप कुमार से कहासुनी भी हुई थी और इसके बाद वो नारेबाजी करते एसपी हिमांशु गर्ग से मिलने पहुंचे। पुलिस ने सोमवार शाम करीब सवा पांच बजे दिनेश का पोस्टमार्टम करवा दिया था लेकिन उसके परिजन शव लेने को तैयार नहीं हुए।
मृतक दिनेश मूल रूप से कोसली का रहने वाला था। बचपन में ही कलियाणा गांव में रह रही उसकी बुआ ने उसे गोद ले लिया था। वहीं, सोमवार को ही सूचना पाकर कोसली से दिनेश का भाई व अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे लेकिन मृतक की पत्नी व मामा ससुर ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव उठाने की बात कही थी। मंगलवार को भी सारा दिन परिजन गिरफ्तारी के बाद ही शव ले जाने की बात पर अडिग रहे और कई दफा हुई बैठकों के बाद भी नतीजा सिफर रहा। बुधवार सुबह भी परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस उन्हें मनाने में कामयाब हो गई और मृतक के परिजन शव ले जाने को तैयार हो गए। इसी दौरान डीएसपी प्रदीप नैन से बातचीत के दौरान परिजनों की कहासुनी हो गई थी। जब परिजन ने उन्हें शव ले जाने के लिए एक कमेटी बनाने की बात कही तो परिजन भड़क उठे और एकाएक उठकर सिविल अस्पताल के पीछे से गुजरने वाले एनएच-148 बी पर उतर आए। मुख्यमार्ग पर मृतक के परिजन लेट गए लेकिन उनके पीछे-पीछे ही पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए और जबरन परिजनों को सड़क से उठा दिया। इसके बाद भी उनकी पुलिस के साथ कहासुनी हुई।
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बात न बनती देख पुलिस ने मांगा ड्यूटी मजिस्ट्रेट
पुलिस सूत्रों की मानें तो चार दिन पुराने होने के चलते शव के गलने का डर था और इसके लिए पुलिसकर्मी चिकित्सकों से लगातार राय ले रहे थे। वहीं, परिजनों के शव ले जाने के लिए तैयार न होने से सिविल अस्पताल में पिछले तीन दिनों से गहमा-गहमी की स्थिति थी। पुलिस लगातार परिजनों को मनाने का प्रयास कर रही थी लेकिन वो तैयार नहीं हो रहे थे। इसके चलते बुधवार दोपहर को पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की और इसके बाद तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।

पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कलियाणा ले जाया गया शव
सिविल अस्पताल से मृतक दिनेश के गांव कलियाणा में कड़ी सुरक्षा के बीच शव ले जाया गया। इस दौरान सदर थाना प्रभारी, सीआईए टीम, स्पेशल स्टाफ, डीएसपी प्रदीप कुमार सहित सिक्योरिटी इंचार्ज मंजीत अहलावत भी शव के साथ गांव पहुंचे। इसके बाद मृतक के घर से उसके खेत तक दाह-संस्कार के लिए भी शव कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया। दाह-संस्कार पूरा होने के बाद पुलिस अमला कलियाणा से वापस लौटा।
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