अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
पाटौदा गांव में राव तुलाराम की प्रतिमा को खंडित किए जाने का मामले में तूल पकड़ता नजर आ रहा है। शनिवार को भी दोनों पक्षों द्वारा विवाद सुलझाने के लिए पंचायत का आयोजन रखा गया था। लेकिन यादव समाज ने विवाद होने की आशंका को देखते हुए पंचायत में शामिल होने से मना कर दिया। इसके बाद मामला निपटने का रास्ता एक बार फिर बंद हो गया। वहीं, प्रतिमा विवाद की सूचना पर रेवाड़ी से पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव पाटौदा गांव में पहुंचे। जहां पर उन्होंने समाज के लोगों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली।
ये है मामला
यादव बाहुल्य गांव पाटौदा में 28 जनवरी की रात असामाजिक तत्वों ने राव तुलाराम की प्रतिमा को अनावरण से पहले ही खंडित कर दिया। जिसको लेकर यादव समाज के लोगों को गांव के ही राजपूत समाज के कुछ युवकों पर शक है। हालांकि यादव समाज ने प्रतिमा खंडित करने की शिकायत में अज्ञात युवकों का ही जिक्र किया है। इसके चलते गांव में इस समय राजपूत व यादव समाज के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। विवाद को निपटाने के लिए मंत्री ओपी धनखड़ भी हस्तक्षेप कर चुके हैं, लेकिन अभी तक मामला निपटा नहीं है।
सोमवार को लिया जाएगा बड़ा फैसला : बीर सिंह
यादव समाज के लोगों के ने शनिवार को पंचायत कर फैसला लिया कि सोमवार को पाटौदा में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसमें झज्जर के साथ महेंद्रगढ़, रेवाड़ी व गुरुग्राम जिले के यादव समाज के प्रमुख लोगों को पंचायत में बुलाया जाएगा। इसके बाद सभी की मौजूदगी व रायशुमारी के बाद प्रतिमा तोड़ने वाले लोगों को सलाखों तक पहुंचाने के लिए बड़ा फैसला लिया जाएगा।
- बीरसिंह, प्रधान, राव तुलाराम प्रतिमा समिति।
सामाजिक तौर पर विवाद निपटाने का प्रयास : चौहान
विवाद को सामाजिक तौर पर निपटाने के लिए शनिवार को गांव में पंचायत का आयोजन करवाया था। लेकिन यादव समाज पंचायत में शामिल नहीं हुआ। विवाद को खत्म करवाने के लिए वे फिर से सामाजिक तौर पर ही प्रयास करेंगे। ताकि गांव में आपसी भाईचारा बना रहे। गांव के भाईचारे को बनाने के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे।
- रणबीर चौहान, सरपंच पति, पाटौदा।
समाज के हर फैसले का करेंगे समर्थन : यादव
पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने पाटौदा गांव में उपस्थित यादव समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे समाज के हर फैसले का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि राव तुलाराम जैसे महापुरुष की प्रतिमा के साथ इस प्रकार का ओछा कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वे मामले में पूरी तरह से समाज के लोगों के साथ हैं। समाज के लोग उन्हें जो भी जिम्मेदारी देंगे, वे उसे पूरा करेंगे।