अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। सीआईए बहादुरगढ़ ने दिल्ली से हथियारों के बल पर कार छीनकर फरार हुए दो कुख्यात बदमाशों को काबू करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से न केवल छीनी गई कार बरामद की गई है बल्कि एक पिस्टल और कारतूस भी मिले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने हत्या, चोरी व छीना झपटी की वारदात कबूल की हैं। शनिवार को अदालत में पेश करने के बाद दोनों चो जेल भेज दिया गया।
सीआईए बहादुरगढ़ प्रभारी इंस्पेक्टर विवेक मलिक की टीम ने उपरोक्त दोनों बदमाशों को बीती रात उस वक्त काबू किया जब डीजीपी के आदेशानुसार सीआईए टीम आसौदा-खरखौदा मार्ग पर नाइट डोमिनेशन पर थी। इसी बीच सीक्रेट इंफोर्मेशन मिली कि सफेद रंग की कार में सवार बदमाश किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की नियत से बहादुरगढ़ की ओर आ रहे हैं। टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद ही सफेद एक इटियोस कार आई जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी। सीआईए टीम ने उसे रुकवाया तो एक बार गाड़ी रोकने के बाद चालक ने उसे दोबारा भगाने का प्रयास किया लेकिन पहले से ही तैयार पुलिस टीम ने चालक को सीट पर ही दबोच लिया। इसी बीच साथ वाली सीट पर बैठा एक अन्य नौजवान लड़का गाड़ी से निकलकर भागने लगा तो पुलिस कर्मचारियों ने उसे भी दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसकी पैंट से एक पिस्तौल व मैगजीन में तीन कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे नौजवान ने अपना नाम राहुल निवासी गरोट पलवल और दूसरे ने खुद की पहचान दीपक निवासी गांव बागडू जींद बताई है। आरोपियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में मालूम हुआ कि जो सफेद रंग की इटियोस गाड़ी ये लोग इस्तेमाल कर रहे थे उसे इन्होंने 22 अगस्त 2018 को दिल्ली के मुकरबा चौक इलाके से हथियारों के बल पर छीना था।
हत्या समेत कई आपराधिक वारदातों को दे चुके हैं अंजाम
एसपी पंकज नैन ने बताया कि पकड़े गए दोनों बदमाश अभी तक विभिन्न जिलों में हत्या के अलावा चोरी, मारपीट एवं अमानत में खयानत आदि अपराध को अंजाम दे चुके हैं। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी दीपक के खिलाफ हत्या, चोरी, अमानत में खयानत तथा अवैध हथियार बारे आर्म्स एक्ट आदि के कुल चार केस विभिन्न पुलिस थानों में रजिस्टर हैं। दीपक के खिलाफ हत्या का केस साल 2016 में झज्जर जिले के बेरी पुलिस थाने में दर्ज हुआ था जबकि आर्म्स एक्ट व चोरी के केस सदर पुलिस स्टेशन बहादुरगढ़ एवं अमानत में खयानत करने का एक केस फरीदाबाद में दर्ज हैं। इसी प्रकार से दूसरे अपराधी राहुल के खिलाफ भी साल 2015 में पलवल में हत्या तथा लड़ाई-झगड़े के केस दर्ज हैं। मर्डर का केस चांदहट पुलिस थाने में रजिस्टर है जबकि मारपीट का केस 2016 में पलवल के कैंप पुलिस थाने में रजिस्टर किया गया था।