अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने के बाद सफीपुर गांव में कुछ लोगों के द्वारा एक बछड़े को मारने का मामला सामने आया है। बछड़े की मौत को लेकर एक सामाजिक कार्यकर्त्ता ने सीएम को पत्र भी भेजा है लेकिन शिकायतकर्त्ता सामने नहीं आ रहा क्योंकि कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों को वह प्रभावशाली बता रहा है। शिकायत में सामाजिक कार्यकर्त्ता ने आरोप लगाया है कि छुछकवास चौकी इंचार्ज से मिलीभगत करके बछड़े को मारने के बाद दफना दिया। लेकिन पुलिस ने इसका पोस्टमार्टम नहीं करवाया। वहीं, पुलिस का तर्क है कि गांव से कोई शिकायतकर्त्ता सामने नहीं आया, इसलिए मृत बछड़े का पोस्टमार्टम नहीं करवाया।
सीएम को भेजी गई शिकायत में सामाजिक कार्यकर्त्ता ने कहा कि 13 अप्रैल को उसने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि उनके गांव में एक बछड़े को पेड़ से लटका कर पीटा जा रहा है। शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची तब तक बछड़ा मर चुका था तथा उसे दफनाया जा चुका था। छुछकवास चौकी इंचार्ज ने मामले में आरोपियों से मिलीभगत करके कोई कार्रवाई नहीं की।
बोले चौकी इंचार्ज शेषराज
चौकी इंचार्ज शेषराज का कहना है कि वे जब गांव पहुंचे तो बछड़े को दबा दिया गया था। पोस्टमार्टम के लिए उन्होंने ग्रामीणों से बात की। लेकिन कोई भी ग्रामीण शिकायतकर्त्ता देने को तैयार नहीं हुआ। बिना शिकायत के वे पोस्टमार्टम कैसे कराते। उन्होंने गांव में पूर्व सरपंच से बात की थी तो उसने बताया कि बछड़े को पेड़ से बांधा गया था, रस्सी खींच गई तो इसकी मौत हो गई। बछड़े को किसी ने पीटकर नहीं मारा। पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देने वाले ने भी सूचना देने के बाद फोन स्विच ऑफ कर लिया था। ऐसे में वे कैसे कार्रवाई करते। उन पर लगा आरोप गलत है।