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डिवाइंडिंग रोड पर कब्जे को लेकर फिर हुआ विवाद

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
शहर में ओमैक्स सिटी के पास पांच सेक्टरों को जोड़ने वाले सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर कब्जे को लेकर एक बार फिर से विवाद हो गया है। वीरवार को गांव कसार के ग्रामीणों ने कार्यवाही के लिए आए अधिकारियों का विरोध शुरू कर दिया और कब्जा कार्यवाही रुकवा दी। किसानों ने कहा कि हुडा के अधिकारी निजी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जब तक उन्हें जमीन का मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक वे कब्जा नहीं देंगे। इस पर हुडा के अधिकारी बिना कब्जा लिए बैरंग लौट आए।
दरअसल, दिल्ली-रोहतक रोड से झज्जर रोड बाईपास तक पांच सेक्टरों को जोड़ने के लिए हुडा विभाग 60 मीटर और 45 मीटर की सड़क बनानी है। इन सड़कों के निर्माण के लिए साल 2014 में पांच गांवों की 47 एकड़ जमीन एक्वायर की जा चुकी है। हुडा ने जमीन के कुछ हिस्से पर तो कब्जा ले लिया था लेकिन काफी जमीन का कब्जा लेना अभी बाकि है। विभाग की कब्जा कार्रवाई में कसार गांव के ग्रामीण अब रोड़ा बन गए हैं। करीब दो माह पहले भी किसानों ने कब्जा कार्रवाई रुकवा दी थी और बृहस्पतिवार को फिर से कब्जा लेने की गई हुडा की टीम की कार्रवाई को मौके पर पहुंचे किसानों ने रुकवा दिया।
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किसान होशियार सिंह, महेंद्र कसारिया, राजबाला, शांति, मीना, श्रीभगवान, मांगेराम आदि का कहना है कि उन्हें जमीन का मुआवजा तक नहीं मिला है। जब तक उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक वे जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे। साथ किसान महेंद्र कसारिया व उसकी पत्नी राजबाला ने बताया कि उनकी जमीन पर कोर्ट से स्टे भी ले रखा है। हुडा अधिकारी कोर्ट की भी अवमानना कर रहे हैं। किसानों का यह भी आरोप है कि हुडा के अधिकारी एक निजी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों का आर्थिक नुकसान करने पर जुटा हुआ है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि यह रोड भी हुडा नहीं बल्कि बिल्डर ही बना रहा है। जब तक उन्हें जमीन का मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक वे कब्जा नहीं देंगे। इस पर हुडा के अधिकारी बिना कब्जा लिए बैरंग लौट आए।
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जमीन के इंतकाल हुडा के नाम, मुआवजा देना एलओ का काम : जेई
हुडा के जेई आशीष ने बताया कि एक्वायर जमीन का इंतकाल हुडा के नाम चढ़ा हुआ है। इसलिए वो कब्जा ले रहे हैं। उनका कहना है कि मुआवजे के लिए किसानों को एलओ से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों ने उन्हें सड़क की जमीन पर स्टे की कोई कापी भी नही दी है। अगर स्टे है तो इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
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डिवाइडिंग रोड पर कब्जे को लेकर फिर हुआ विवाद
-नाराज ग्रामीणों ने रोकी कब्जे की कार्यवाही
-बोले, जब तक मुआवजा नहीं देते तब तक नहीं होने देंगे कब्जा
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