अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। अजय उर्फ डंका की हत्या के मामले में सीआईए बहादुरगढ़ की टीम ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों अनिल छिप्पी गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। अनिल छिप्पी की पिता के हत्या का बदला लेने के लिए ही अजय उर्फ डंका की हत्या की गई थी। फिलहाल पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। दरअसल, छह फरवरी की रात को झज्जर रोड स्थित एक पार्षद कार्यालय के बाहर अजय उर्फ डंका की गोलियों मारकर हत्या कर दी गई थी। पांच से छह बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। अजय पर 22 गोलियों चलाई गई थीं। यूं तो अजय की कई बदमाशों से दुश्मनी थी लेकिन पुलिस शुरू से ही इस मामले में अनिल छिप्पी व लारेंस बिश्नोई गैंग पर शक जता रही थी। मामले की छानबीन सीआईए-वन बहादुरगढ़ कर रही थी। इसी कड़ी में सीआईए टीम ने शनिवार की शाम सेक्टर-9 मोड़ के पास से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान बिजेंद्र उर्फ भूरा निवासी गांव मातन व सुशील उर्फ मोटा निवासी सुर्खपुर जिला झज्जर के तौर पर हुई है।
अनिल छिप्पी गैंग के सरगना अनिल के इशारे पर अजय उर्फ डंका की हत्या कर दी गई। बताते हैं कि करीब 12 वर्ष पूर्व हुई गैंगस्टर अनिल छिप्पी के पिता की हत्या में अजय उर्फ डंका का नाम आया था। तब से अजय इस गैंग के निशाने पर था। अनिल छिप्पी अपने गिरोह को जेल से ही ऑपरेट करता है। उसके इशारे पर अजय की छह फरवरी को हत्या कर दी गई थी। अजय हत्याकांड की पूरी भूमिका व योजना दुल्हेड़ा के सचिन ने तैयार की। सचिन दुल्हेड़ा अनिल छिप्पी का खास बताया जाता है। गिरफ्तार दोनों आरोपी बिजेंद्र व सुशील पर हत्या व लूटपाट के कई केस दर्ज हैं।
अंकित भादू भी था मारने वालों में शामिल
जीरकपुर एनकाउंटर में मारा गया लारेंस बिश्नोई का गुर्गा अंकित भादू भी अजय डंका को मारने वालों में शामिल था। दरअसल, पिछले कुछ समय से अनिल छिप्पी गैंग और लारेंस बिश्नोई गैंग मिलकर काम कर रहे हैं। लारेंस और अनिल जब जेल में गए तो दोनों गैंग कमजोर पड़ने लगे थे। एक दूसरे को मजबूती देने के लिए दोनों साथ मिल गए। अजय डंका ही नहीं, कुछ महीने पहले अनिल छिप्पी की एंटी पार्टी के एक शख्स की रोहतक में हत्या की गई थी, उसे अंजाम देने में भी लारेंस बिश्नोई के बदमाशों का हाथ था।
डंका पर भी था 23 केस दर्ज
गांव मांडोठी का निवासी अजय उर्फ डंका भी अपराध की दुनिया में बड़ा नाम था। उस पर हत्या के 9 समेत करीब 23 आपराधिक केस दर्ज थे। आखिरी बार वह अवैध हथियार के मामले में झज्जर जेल गया। जेल से छूटने के करीब सवा महीने बाद ही उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान दोनों से अन्य बदमाशों के बारे में पूछताछ की जाएगी। जल्द ही फरार चल रहे सचिन सहित अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
कर्मवीर, जांच अधिकारी, सीआईए, बहादुरगढ़।