चरखी दादरी। करोड़ों के अनाज का भुगतान किए बिना दादरी अनाज मंडी से फरार हुईं दो फर्म के संचालक भाइयों पर मामला दर्ज होने का सिलसिला अभी जारी है। अब खेड़ी बूरा के कई किसान किरोड़ीमल रामकुमार ट्रेडिंग कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर थाने पहुंचे हैं। इन किसानों की शिकायत पर किरोड़ीमल फर्म पर दूसरी और इस मामले में पांचवीं एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता किसानों का कहना है कि उनका करीब सवा करोड़ का भुगतान फर्म संचालक भाइयों के खिलाफ बकाया है। वहीं, 144 घंटे बीतने के बाद भी दोनों फर्मों के संचालक चचेरे भाइयों सहित परिवार का सुराग नहीं लग पाया है। सिटी थाने की टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
रविवार से पहले सिटी थाने में इस संबंध में चार केस दर्ज थे। खेड़ी बूरा के किसानों की शिकायत पर रविवार शाम पांचवीं एफआईआर भी पुलिस ने दर्ज कर ली है। सिटी थाने में जो पांच एफआईआर दर्ज हुई हैं उनमें से दो किरोड़ीमल रामकुमार ट्रेडिंग कंपनी तो तीन दादा गुंसाई ट्रेडिंग कंपनी के संचालक भाइयों और उनकी भतीजे के खिलाफ हुई है। शिकायत में खेड़ी बूरा के किसानों ने बताया कि वे खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। किसानों ने बताया कि इस सीजन में उन्होंने सरसों, गेहूं व कपास की फसल किरोड़ीमल फर्म को बेची थी। इससे पहले भी वे अपनी फसल यहां बेच चुके हैं। किसान सूरजभान, सुंदर, मोतीलाल, सुखबीर, शेर सिंह, संदीप, सुरेश कुमार, सुंदरलाल, राजेश, विरेंद्र, सत्यवान, राजेश, जोगेंद्र, राजबीर, कृष्ण, सोमबीर, विरेंद्र, अरूण कुमार, जयबीर, कमल सिंह, भगवान, बलबीर, सुनील, अमृतजीत, रमेश, दिलबाग, रायसिंह, विजय, बलबीर, दिनेश, रणबीर, सोमबीर, बसंत व जयसिंह ने बताया कि उक्त फर्म संचालक भाइयों की तरफ किसानों का करीब सवा करोड़ रुपये बकाया है। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई कर फर्म संचालक रोशनलाल और रामनिवास के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच में सिटी थाना पुलिस जुटी हुई है लेकिन अभी तक कोई अहम सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। पुलिस सभी चचेरे भाइयों की अंतिम मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करने का भी प्रयास कर रही है।
252 किसानों ने किया था 4.56 करोड़ बकाया होने का दावा
किसानों ने जिला उपायुक्त मुकेश आहूजा को भी इस संबंध में शिकायत सौंपी थी। मामले की गंभीरता को देखकर उपायुक्त ने किसानों के दावे दर्ज करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम सतबीर कुंडू थे। उपायुक्त के निर्देशानुसार कमेटी ने 252 किसानों के दावे दर्ज किए। दावों के मुताबिक साढ़े दस हजार क्विंटल सरसों, 130 क्विंटल गेहूं और 250 क्विंटल ग्वार का भुगतान नहीं किया गया है। इसमें सरसों की कीमत करीब चार करोड़ 41 लाख, गेहूं का करीब दो लाख 26 हजार और ग्वार का करीब दस लाख का भुगतान बकाया है। यह रिपोर्ट प्रशासन ने सबूत के तौर पर तैयार की है।
पुलिस खंगालेगी बैंक अकाउंट
आरोपियों के मोबाइल ऑन न करने से पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लग पा रहा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस जांच आगे बढ़ाने के लिए फर्म संचालक भाइयों के बैंक अकाउंट भी खंगालेगी। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। सूत्रों का कहना है कि उनकी पुरानी ट्रांजेक्शन को खंगाला जाएगा ताकि पूर्व में लेन-देन का पता चल सके। फर्म संचालकों के फरार होने का पता चलते ही विभिन्न गांवों के किसान 14 जून को मंडी पहुंचे थे। इन किसानों ने मंडी प्रधान सहित अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। इस दौरान करीब 500 किसानों का भुगतान बकाया होने के कयास लगाए जा रहे थे। मार्केटिंग बोर्ड के पास सबूत सहित 252 किसान पहुंचे और उन्होंने चार करोड़ 56 लाख की राशि बकाया होने के दावे पेश किए।
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस संबंध में सिटी थाने में पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं। मामले को सुलझाना पुलिस के लिए प्राथमिकता है। फिलहाल आरोपियों के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। - राजबीर सिंह, एसआई, सिटी थाना