बहादुरगढ़। फरवरी-2019 में बहादुरगढ़ बाईपास पर पांच किलो सोने व साढ़े 21 लाख रुपये की लूट की वारदात व्यापारी के ही पार्टनर के इशारे पर हुई थी। रुपयों के लेनदेन के चलते अंजाम दी गई इस वारदात में लूटा गया सोना भी नकली था। पिछले माह दिल्ली में मुठभेड़ में मारा गया बदमाश भी इस वारदात में शामिल था। यह खुलासा सीआईए-2 बहादुरगढ़ द्वारा पकड़े गए एवं प्रोडक्शन पर लाए गए बदमाशों ने किया है। शुक्रवार को अदालत में पेश कर इन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में पुलिस इनसे फरार चल रहे अन्य आरोपियों के बारे में पता लगाएगी।
दरअसल, 26 फरवरी को हिसार निवासी महावीर, राजकुमार व विशाल आई-10 कार में सवार होकर दिल्ली गए थे। वहां करोलबाग से पांच किलो सोने की ईंट ली। जबकि राजकुमार ने 21 लाख 60 हजार रुपये की पेमेंट घंटा घर से ली। रुपये और सोना लेकर ये हिसार की ओर रवाना हो गए। जब बहादुरगढ़ में बाईपास पर पहुंचे तो पीछे से एक स्कार्पियो गाड़ी ने टक्कर मारी। जब गाड़ी रोककर ये बाहर आए तो स्कार्पियो सवार युवकों ने इनके साथ हाथापाई की। इसी दौरान एक और गाड़ी वहां आकर रुकी, जिसमें से एक युवक उतरा और इनकी आई-10 कार लेकर फरार हो गया। कार में सोना और 21 लाख 60 हजार रुपये भी थे।
ऐसे सुलझी गुत्थी
मामले को सुलझाने का जिम्मा सीआईए-2 बहादुरगढ़ को सौंपा गया। तब से पुलिस वारदात को अंजाम देने वालों की तलाश कर रही थी। अभी कुछ दिनों पहले ही हिसार में एक बदमाश सुशील उर्फ बॉक्सर को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में उसने इस वारदात का खुलासा किया। सीआईए-2 बहादुरगढ़ उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। इसी मामले में वीरवार को सीआईए की टीम ने बहादुरगढ़ से ही वारदात में शामिल रहे एक अन्य आरोपी राकेश को गिरफ्तार किया। शुक्रवार को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। पूछताछ में इन दोनों मामले में कई खुलासे किए।
संजीव ने रची थी साजिश
हिसार के सोना व्यापारी संजीव ने यह पूरी साजिश रची थी। दरअसल, महावीर इस संजीव का पार्टनर है। संजीव को महावीर के करीब डेढ़ करोड़ रुपये देने थे। चूंकि महावीर ही सोना लाने और ले जाने का काम करता था तो संजीव ने योजना बनाई कि अगर इसके साथ रास्ते में लूटपाट हो जाए तो दोष महावीर का होगा और उसे महावीर के रुपये नहीं देने पड़ेंगे।
जुड़ती चली गई चेन
संजीव ने अपने सेल्समैन रवि के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। रवि ने हिसार के धान्सू गांव के सुशील से संपर्क किया। सुशील ने दिल्ली में रहने वाले एक लड़के से, उक्त लड़के ने बदमाश विकास दलाल से संपर्क किया। इस तरह से 8-9 बदमाशों की चेन जुड़ गई। इन बदमाशों ने तीन-चार बार महावीर के साथ लूट का प्रयास किया। एक बार तो कोलकाता में भी प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।
लूटा गया सोना नकली
कामयाबी नहीं मिली तो फिर से नए सिरे से योजना बनाई गई। इस बार वारदात कराने के लिए नकली सोने का इस्तेमाल किया गया। यानी 26 फरवरी को करोलबाग से जो सोना महावीर ने उठाया वो सप्लायर ने उसे नकली दिया था। इत्तफाक से उस दिन महावीर के साथ मील व्यापारी राजकुमार भी कार में सवार था। वह भी अपने साढ़े 21 लाख रुपये गंवा बैठा।
इस तरह से की गई वारदात
महावीर के साथ वारदात पूरी योजनाबद्ध तरीके से की गई। पहले करोलबाग में नकली सोना दिया गया। फिर वहां से लगातार उसकी रेकी की जा रही थी। एक बदमाश राकेश व उसका साथी बाइक से इनका पीछा कर रहा था। विकास दलाल व अन्य बदमाश पहले से ही बाईपास पर मौजूद थे। जैसे ही महावीर की कार आई तो सुशील उर्फ बॉक्सर ने अपनी स्कार्पियो गाड़ी से महावीर की कार में पीछे से टक्कर मारी। झगड़ा हुआ तो इसी दौरान बदमाश विकास दलाल वहां आया और कार लेकर भाग गया।
मामले में एक आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी को बहादुरगढ़ से ही गिरफ्तार किया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। मामले में साजिशकर्ता संजीव समेत 9 लोग शामिल रहे हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अजायब सिंह, डीएसपी, बहादुरगढ़।