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अवैध ट्यूबवेल सील, एक लाख तक हो सकता है जुर्माना : बंसीलाल

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बहादुरगढ़। ट्यूबवेल के जरिये अवैध रूप से जल दोहन करने वालों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। शुक्रवार को नगर परिषद के अधिकारियों ने कई स्थानों पर दबिश दी। मौके पर एक ट्यूबवेल चालू पाया गया तो अधिकारियों ने उसे सील कर दिया। वीरवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार बंसीलाल की देखरेख में कार्रवाई की गई। अब नगर परिषद की ओर से शहर में अवैध रूप से चल रहे ट्यूबवेलों के खिलाफ फरीदाबाद की पर्यावरण कोर्ट में केस डालने की तैयारी शुरू कर दी है। यहां पर ऐसे ट्यूबवेल संचालकों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
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दरअसल, शहर में भूमिगत जल दोहन धड़ल्ले से जारी है। अवैध ट्यूबवेल कनेक्शनों के जरिये पानी निकाल कर शहर में बेचा जा रहा है। गत बुधवार को इस मामले को अमर उजाला ने उठाया। खबर प्रकाशित हुई तो अब नगर परिषद हरकत में आई है। इस मामले में कार्रवाई के लिए शुक्रवार को परिषद के ईओ ने टीम गठित की। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार की अगुवाई में टीम ने नहर के पास कई स्थानों पर दबिश दी। यहां एक स्थान पर अवैध रूप से जल दोहन किया जा रहा था। टीम ने तुरंत जल दोहन जल दोहन रुकवाया। बिजली कनेक्शन काटकर ट्यूबवेल सील कर दिया। रोड़ी कंक्रीट से बंद कर दिया। पुलिस की मौजूदगी के कारण किसी तरह का विरोध नहीं हो सका। अब ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार बंसीलाल के नेतृत्व में नगर परिषद मुख्य सफाई निरीक्षक बलबीर सिंह, जेई दलबीर देशवाल, बीआइ विवेक जैन, भू अधिकारी नीरज शर्मा, सफाई निरीक्षक सतपाल सैनी आदि की टीम ने न केवल ट्यूबवेल को सील किया बल्कि उसकी होद में आरसीसी डालकर उसे बंद भी कर दिया।

दो बार पहले भी हुआ सील
सील किया गया यह ट्यूबवेल कनेक्शन बलजीत दलाल का है। अधिकारियों के मुताबिक पहले भी दो बार इस कनेक्शन को सील किया जा चुका है। एफआईआर भी हो चुकी है। बावजूद इसके यह व्यक्ति बाज नहीं आता और फिर से सील हटाकर जल दोहन शुरू कर देता है। इस बार ट्यूबवेल को ही बंद कर दिया गया है। अब इस मामले में उक्त व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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नहर के आसपास सक्रिय हैं जल माफिया
गैर कानूनी ढंग से पानी बेचने का यह गोरखधंधा शहर में जोर-शोर से चल रहा है। नहर के आसपास वाले क्षेत्र में जल माफिया पूरी तरह से सक्रिय हैं। ये धरती से पानी निकालते हैं। उसके बाद टैंकरों के जरिये बाजारों में पानी बेचते हैं।

उपायुक्त ने कर रखा है कमेटी का गठन
झज्जर एरिया में अवैध रूप से चलने वाले ट्यूबवेलों को बंद कराने के लिए उपायुक्त ने भी एक टीम का गठन कर रखा है जो अब समय-समय पर निगरानी करते हुए अवैध ट्यूबवेलों को सील करने का काम करेगी। इसमें संबंधित थाना प्रभारी, उप कृषि निदेशक, नप के कार्यकारी अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, रोहतक के हाइड्रोलॉजिस्ट शामिल हैं।

नगर परिषद की ओर से पहले भी ट्यूबवेल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उन्हें सील किया गया था। अब दोबारा से कार्रवाई करते हुए एक ट्यूबवेल को सील किया गया है। अब जो भी ट्यूबवेल अवैध रूप से चलता हुआ पाया गया तो उनके संचालकों के खिलाफ पर्यावरण कोर्ट में केस डाला जाएगा। जहां उन पर एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
तरुण पावरिया, एसडीएम, बहादुरगढ़।

भूमिगत जल दोहन कतई बर्दाश्त नहीं है। फिलहाल एक कनेक्शन सील किया गया है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में जो भी लोग अवैध तरीके से जल दोहन कर रहे हैं उनको पांच दिन की मोहलत दी जाती है। यदि इस समयावधि में वे यह काम बंद नहीं करते हैं तो परिषद सख्त कार्रवाई करेगी। एक लाख का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही पुलिस में केस भी दर्ज कराया जाएगा।
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डॉ. विजयपाल यादव, इओ, नगर परिषद बहादुरगढ़।
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