बहादुरगढ़। नयागांव बाईपास पर हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए गुभाना निवासी साहिल ने 17 महीने बाद दम तोड़ दिया। साहिल हादसे के बाद से कोमा में चला गया था। मंगलवार की सुबह पोस्टमार्टम करवाने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। उक्त हादसे में मौके पर ही तीन युवकों की मौत भी हो गई थी। दरअसल, बहादुरगढ़ के झज्जर रोड स्थित आईटीआई में पढ़ने वाले गुभाना निवासी कृष्णपाल, विशाल, दीपक व साहिल रोजाना की तरह 28 नवंबर 2017 की सुबह आईटीआई जाने के लिए घर से निकले थे। करीब 9 बजे किसी काम के सिलसिले में ये नयागांव बाईपास चौक के पास सड़क किनारे खड़े हो गए। विशाल और साहिल बाइक पर बैठे थे, कृष्णपाल व दीपक उनके पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। तभी वहां पर तेज गति से आए एक डंपर ने छात्रों को सीधी टक्कर मार दी। डंपर की चपेट में आने से चारों छात्र घायल गए थे। अधिक चोट के कारण कृष्णपाल, विशाल और दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि साहिल गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने बाईपास पर जाम भी लगा दिया था। सदर थाने से मामले के जांच अधिकारी प्रीतम कुमार ने बताया कि करीब 17 महीने पहले हादसा हुआ था। तब से साहिल कोमा में था।
17 महीने से कोमा में था साहिल
हादसे में गंभीर रूप से घायल साहिल कोमा में चला गया था। कुछ महीने अस्पताल में उपचार के बाद परिजन घर ले गए। घर पर ही उसका उपचार चल रहा था। कोमा में चल रहे करीब 19 वर्षीय साहिल की मंगलवार की सुबह सांसें थम गई। परिजन उसे अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही सदर थाने से पुलिस अस्पताल में पहुंची और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। साहिल आईटीआई बहादुरगढ़ में कारपेंटर का कोर्स करता था। जबकि मौके पर मौत का शिकार हुआ कृष्णपाल व विशाल ड्राफ्टमैन व दीपक इलेक्ट्रिशियन का कोर्स करता था।