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फ्रोड रजिस्टरी करवाने व 65 लाख की ठगी के आरोप में केस दर्ज

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
थाना सदर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एक व्यक्ति से धोखाधड़ी करके प्लाट की फर्जी रजिस्टरी कराने और 65 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में केस दर्ज किया है। इस संबंध में कानोंदा गांव के रहने वाली एक महिला ने शिकायत दी है।
पुलिस को दी शिकायत में रविना पत्नी राजेंद्र सिंह गांव कानोंदा ने बताया है कि उसने बहादुरगढ़ स्थित हुडा सेक्टर-2 में प्लॉट लेना था। इसके लिए उसके पति राजेंद्र ने प्रॉपर्टी डीलर जयबीर गांव मुकुन्दपुर से बात की। डीलर जयवीर ने मेरे पति राजेंद्र सिंह व मेरे जेठ राजपाल सिंह को विनोद निवासी मकान नंबर-991 वार्ड-1 बहादुरगढ़ के एक व्यक्ति से मिलवाया।
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उन्होंने हमें हुडा सेक्टर-2 बहादुरगढ मे प्लॉट नंबर-1456 दिखाया और बेचने का ऑफर दिया। उक्त प्लॉट लेने के लिए उन्होंने हां कर दी और 65 लाख में जयवीर डीलर व विनोद के साथ सौदा तय हो गया। इसके बाद प्लॉट का बयाना तहसील बहादुरगढ़ में हुआ। जिस पर विनोद व जयवीर ने अपने हस्ताक्षर किए और 550000 रुपये का चेक विनोद के नाम भरकर और 100000 नकद जयवीर की मौजूदगी में विनोद को दिए थे। इसके कुछ दिन बाद विनोद ने बताया कि इस प्लॉट पर लोन है। इस कारण इसके पक्के कागज नहीं दे सकता, इसके लिए या तो कुछ दिनों का समय दो या फिर इसके पास ही मेरा दूसरा प्लाट नंबर-1389 है। जोकि मेरे चाचा योगेंद्र के नाम है इसकी रजिस्ट्री करा लो। रविना ने बताया है कि विनोद ने उन्हें बताया था कि इस प्लॉट का फार्म मैंने अपने चाचा के नाम भरा था और इसकी हुडा में सारी रकम जमा करा दी गई है। इस पर विनोद द्वारा बताए गए प्लॉट नंबर 1389 का सौदा तय हो गया। डीलर जयवीर व विनोद उक्त प्लॉट को बेचने की परमिशन अपने चाचा योगिंद्र से करवा लाए और परमिशन को हुडा ऑफिस में दे दिया। हुड्डा ऑफिस ने प्लॉट खरीदने की परमिशन मेरे नाम दे दी।
पीड़िता ने कहा किरजिस्ट्री से पहले विनोद व जयवीर डीलर ने योगेंद्र से फोन द्वारा पेमेंट के बारे बात कराई तो योगेंद्र ने जयवीर के फोन पर एचडीएफसी बैंक का खाता दिया और बताया कि मेरा और विनोद का पारिवारिक लेन-देन है। इसके बाद हमने 24 जुलाई 2017 को 33 लाख रुपये बताए हुए खाते में आरटीजीएस के माध्यम से डाल दिए। जोकि रजिस्ट्री में भी लिखी हुई है। 25 जुलाई 2017 को बहादुरगढ़ तहसील में रजिस्ट्री मेरे नाम हो गई। रजिस्ट्री होने के बाद बाकी रकम के बारे में योगेंद्र से पूछा तो योगेंद्र ने विनोद को देने को कहा। हमने जयवीर डीलर की मौजूदगी में जयवीर के मकान पर विनोद को चेक के माध्यम से 25 जुलाई को 582800, चेक से 800000 तथा 1166000 रुपये नकद दे दिए और पेमेंट होने के बाद उन्होंने हमें बताया कि प्लॉट के पक्के कागज आपको दो या तीन दिन में हुडा से ट्रांसफर करवा देंगे।
रजिस्ट्री होने के कुछ दिन बाद जब योगेंद्र व विनोद ने कागज नहीं दिए तो उन्होंने डीलर जयवीर को कहा। जयवीर ने विनोद व योगेंद्र से बात की तो उन्होंने हमें जल्दी ही मिलने और कागज देने का आश्वासन दिया। उसके बाद से योगेंद्र, जयवीर व विनोद प्लॉट के कागजात देने और हुडा से ट्रांसफर करवाने से टरकाते रहे। उनके द्वारा बार-2 फोन करने व जल्दी करने पर उन्होंने कहा कि तुम इन पैसों और प्लॉट को भूल जाओ, अगर दोबारा फोन किया तो जान से मरवा देंगे। इसके बाद उन्होंने हुडा कार्यालय से मालूम किया तो पता चला कि प्लांट नंबर 1456 जिसका ब्याना विनोद व जयवीर ने लिया था वह विनोद के नाम नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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रविना ने आरोप लगाया है कि विनोद व जयवीर ने किसी अन्य व्यक्ति के प्लॉट का बयाना धोखे से व 65 लाख रुपये लेकर भी प्लॉट नाम न कराकर धोखाधड़ी की है। थाना सदर प्रभारी जसबीर सिंह का कहना है कि महिला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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