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सिटी थाने के 100 मीटर की दूरी पर सिपाही की पिटाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
लोगों को सुरक्षित माहौल देने का दावा करने वाली हरियाणा पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है। सोमवार की रात करीब नौ बजे सिटी थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर निजी बस के चालक-परिचालक ने एक सिपाही की धुनाई कर दी। मारपीट में सिपाही घायल हो गया और वर्दी फट गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एएसपी लोकेंद्र कुमार ने झगड़ा होता देखा तो वे भी मौके पर पहुंचे और घायल सिपाही को संभाला। साथ ही एएसपी के गनमैन और ड्राइवर ने पीछा करके भाग रहे निजी बस के चालक-परिचालक को काबू किया। अदालत ने मंगलवार को दोनों को जेल भेज दिया।
दरअसल, गांव चुलियाना (रोहतक) का निवासी नरेश कुमार हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत है। फिलहाल नरेश की पोस्टिंग बहादुरगढ़ सिटी थाने में हैं। थाने में वह जनरल ड्यूटी पर तैनात है। सोमवार की रात को वह थाने से कुछ दस्तावेज लेकर सेक्टर-9 चौकी के लिए निकला था। जब वह थाने से करीब 100 मीटर दूरी पर झज्जर मोड़ पर पहुंचा तो उसने देखा कि चार लोग आपस में हाथापाई कर रहे हैं और मौके पर भीड़ भी जुटी हुई है। इसके बाद सिपाही नरेश ने उनका बीच-बचाव का प्रयास किया। इसी दौरान दो व्यक्तियों ने सिपाही पर ही लात-घूसे बरसाने शुरू कर दिए। मारपीट में नरेश की वर्दी फट गई और उसके हाथ-पांव में चोट आई है। भीड़ ने और इसी दौरान मौके से गुजर रहे एएसपी लोकेंद्र कुमार ने सिपाही नरेश को छुड़ाया।
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पीछा करके पकड़े गए
दोनों जब सिपाही को पीट रहे थे तो इत्तफाक न वहां से गुजर रहे एडिशनल एसपी लोकेंद्र कुमार की नजर पड़ गई। झगड़ा देखकर उन्होंने गाड़ी रुकवाई। पुलिस की गाड़ी देखकर दोनों भागने लगे। पीछा करके दोनों को पुलिस ने काबू कर लिया। इसके बाद उनकी बस को इंपाउंड कर दिया गया।

जान से मारने की धमकी दी
सिपाही नरेश ने कहा है कि दोनों आरोपी दो लोगों को बुरी तरह से पीट रहे थे। उसने झगड़ा शांत कराने का प्रयास किया तो उसके साथ ही मारपीट शुरू कर दी। उक्त दोनों ने अपने नाम चालक बलवान व कंडक्टर मंजीत बताए। दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। नरेश की शिकायत पर सिटी थाने में उक्त दोनों के खिलाफ मारपीट करने, पुलिस की वर्दी फाड़ने सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

झगड़े की यह रही वजह
दरअसल, रात करीब नौ बजे सहकारी समिति की एक बस झज्जर मोड़ पर पहुंची तो यहां एक बाइक की बस के साथ टक्कर होते-होते रह गई। इसके बाद बाइक सवार युवकों और बस चालक व कंडक्टर के बीच झगड़ा हो गया। फिर दोनों चालक व कंडक्टर ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी झगड़े में सिपाही की धुनाई हो गई। करीब तीन साल पहले इस स्थान से कुछ दूरी पर कोर्ट मोड़ के पास दिल्ली पुलिस कर्मी ने एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी।
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अधिकारी बोले
एडिशनल एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि भागने की कोशिश कर रहे निजी बस के ड्राइवर और कंडक्टर को काबू कर लिया गया था। मंगलवार को अदालत में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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