अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पुराने लघु सचिवालय परिसर में स्थित पटवारखाने में बुधवार की रात शहर का आधे से अधिक जमीन संबंधी रिकार्ड चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरों ने पटवारखाने में रिकार्ड के अलावा किसी दूसरी वस्तु को छेड़ा तक नहीं, इससे पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर भी जांच रही है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, रिकार्ड चोरी होने से शहर के लोगों की परेशानी बढे़गी। इस दफ्तर में बहादुरगढ़ शहर के अलावा हसनपुर-परनाला व गांव सांखोल का भी रिकार्ड है। यहां पटवारी श्याम और अनिल की ड्यूटी है।
जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम पटवारी ये अपने-अपने कार्यालयों को लॉक करके चले गए। वीरवार सुबह आए तो दोनों कमरों के दरवाजे खुले थे। बाहर ताले इधर-उधर पड़े थे तो कमरे के भीतर कागजात बिखरे पड़े थे। कर्मचारियों के अनुसार अलमारी खुली थी, जिसमें से काफी रजिस्टर निकाले जा चुके थे। शहरी क्षेत्र का अधिकांश राजस्व रिकार्ड चोरी हुआ है। इसके बाद उन्होंने तहसीलदार को सूचना दी। तहसीलदार नरेंद्र के अनुसार किस-किस क्षेत्र का रिकार्ड गायब है, यह तो जांच पूरी होने के बाद ही पता लग पाएगा। उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत करा दिया गया है।
दोपहर एक बजे तक नहीं पहुंची पुलिस
घटनास्थल से सिटी थाना महज कुछ ही दूरी पर है। मगर रिकार्ड चोरी होने की सूचना मिलने के बावजूद भी दोपहर एक बजे तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। बाहर काफी देर तक कर्मचारी व आम लोग खड़े रहे। काफी देर बाद कुछ पुलिस कर्मियों ने पहुंच कर जांच शुरू की। इसके बाद पटवारियों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया।
ये होगी समस्या
इंतकाल, जमाबंदी, खसरा, गिरावरी व रेवेन्यू संबंधी दस्तावेज चोरी हुए हैं। एक पटवारी के अनुसार रजिस्ट्री कराने के लिए पुराने रिकार्ड की जरूरत होगी, जो अब यहां नहीं मिल पाएगा। इससे रजिस्ट्री संबंधी काम प्रभावित होगा।
दशकों पुराना है रिकार्ड
बताते हैं कि इस दफ्तर में 1925 से लेकर अब तक के जमीन संबंधी दस्तावेज रखे थे। इनमें से काफी दस्तावेज चोरी हो गए हैं। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी होने वाली है। खास बात ये है कि बेहद कीमती कागजात होने के बावजूद यहां पर चौकीदार तक भी तैनात नहीं है। सीसीटीवी भी नहीं लगे। बताते हैं कि रात को मुख्य गेट पर ताला भी नहीं लगा था।
रात आठ बजे चालू थी लाइट
एक महिला ने बताया कि वह बुधवार की शाम मार्केट में गई थी। रात को करीब आठ बजे वापस आई तो यहां कार्यालय के एक कमरे की लाइट चालू थी। उन्हें लगा कि शायद यहां काम चल रहा है तो वह सीधे निकल गई। उन्होंने कहा कि वैसे भी इस दफ्तर के साथ खाली पड़ी जमीन में रात के समय काफी नशेड़ी किस्म के युवा मौजूद रहते हैं।
मामला गंभीर, सीबीआई करे जांच
आरटीआई एक्टिविस्ट राहुल मंडोरा ने कहा कि यह कोई छोटी मोटी चोरी नहीं है। चोरों के लिए तो यह केवल रद्दी है। यह हाई प्रोफाइल चोरी का केस है। हो सकता है किसी घोटाले को दबाने के लिए यह चोरी कराई गई हो। इसके पीछे किसी भू-माफिया का भी हाथ हो सकता है। इसकी जांच सीबीआई से करानी चाहिए, ताकि भ्रष्ट लोग सामने आ सकें।
लोग हुए परेशान
पटवारखाने में राजस्व रिकार्ड से संबंधित कामकाज के लिए आने वाले सतपाल, राजेंद्र ग्रोवर, प्रवीन, राज सिंह, राकेश आदि ने कहा कि वे इंतकाल व जमाबंदी से संबंधित कामकाज के लिए आए तो उन्हें यहां से रिकार्ड चोरी होने का पता चला। इससे उनका कामकाज नहीं हो पाया है।
पुलिस कर रही जांच
मामले के जांच अधिकारी एसआई धर्मवीर ने कहा कि शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि घोटाले को दबाने के चक्कर में चोरी तो नहीं की गई, यह भी जांच का हिस्सा है। जल्द मामले को सुलझा लिया जाएगा।
- पटवारखाने में रखा था शहर का 92 साल पुराना रिकार्ड