अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
होली की शाम और धुलंडी पर सिविल अस्पताल में सड़क हादसों और लड़ाई-झगड़ों में घायलों का आना जाना लगा रहा। होली की रात आठ से लेकर फाग की रात 12 बजे तक 107 एमएलआर काटीं गई। जो एमएलआर सिविल अस्पताल में कटीं हैं उनमें से 19 मरीजों को प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद रेफर किया गया है। सिविल अस्पताल में फाग वाले दिन भी एंबुलेंस सेवा दुरुस्त रही। सर्जन और फिजिशियन की सेवाएं भी मरीजों को मिलीं। झगड़े और सड़क दुर्घटनाओं में 17 महिलाएं भी घायल हुई हैं। अस्पताल सूत्रों की की मानें तो होली और फाग पर सामान्य के मुकाबले सिविल अस्पताल में 10 गुना अधिक एमएलआर कटीं हैं। वहीं, पुलिस कंट्रोल रूम में लड़ाई-झगड़ों और दुर्घटनाओं से संबंधित 30 से अधिक सूचनाएं पहुंचीं। इनमें से 22 मामलों में पुलिस 30 मिनट से एक घंटे के अंदर मौके पर पहुंच गई। कंट्रोल रूम में जिन मामलों की सूचनाएं आई थीं उनमें से पुलिस प्रशासन ज्यादातर का निपटान करने का दावा कर रहा है। वहीं, शुक्रवार का दिन अस्पताल स्टाफ और विभिन्न थानों और चौकियों में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए काफी व्यस्त रहा। दिनभर पुलिस कर्मचारी घायलों के बयान दर्ज करने सिविल अस्पताल पहुंचे। वहीं, विभागीय सूत्रों का कहना है कि अगर जिले के निजी अस्पतालों की इमरजेंसी केस और देखे जाएं तो घायलों की संख्या 250 के पार पहुंच जाएगी।
दोपहर को कहासुनी, शाम को घर में घुसकर चाकू से बोला हमला
ऊण गांव निवासी 12वीं कक्षा के छात्र अश्वनी को बौंदकलां सीएचसी से सिविल अस्पताल देर शाम नौ बजे रेफर किया गया। अश्वनी सिर में चाकू लगने से घायल हुआ है। अस्पताल में उपचाराधीन अश्वनी ने बताया कि फाग के दिन दोपहर करीब 12 बजे उसकी युवकों से कहासुनी हो गई थी। देर शाम वह अपनी मां सहित घर पर था कि इसी दौरान तीन युवक उनके घर में घुस आए। अश्वनी ने बताया कि उनमें से दो के हाथ में चाकू थे जबकि तीसरा पिस्तौल लिए हुए था। अश्वनी का कहना है कि आरोपी उस पर हमला करते इससे पहले ही उसने अपनी मां सहित मिकर एक का चाकू छीन लिया और उनके शोर-मचाने पर आरोपी वहां से भाग गए। अश्वनी ने बताया कि इससे पहले ही आरोपियों ने एक बड़े चाकू का पिछला हिस्सा उसके सिर में मार दिया। हमले में वह लहूलुहान हो गया और परिजन उपचार के लिए शाम करीब साढ़े पांच बौंदकलां सीएचसी ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद देर रात उसे दादरी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।
इन्हें किया रोहतक पीजीआई रेफर
रानीला निवासी बलबीर लड़ाई-झगड़े में घायल हो गया और उसे प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर किया गया। उसके अलावा अख्तयारपुरा निवासी जयसिंह को लड़ाई-झगड़े में लगी चोटों के कारण पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है। घसोला निवासी वृद्घा छोटा देवी, बिलावल निवासी पवन, निहालगढ़ निवासी कृष्ण, रानीला निवासी सतीश, कन्हेटी निवासी विक्रम व विवेक नगर निवासी महिला निर्मला देवी सहित 19 लोगों को लड़ाई-झगड़ों में लगी चोटों के कारण पीजीआई रेफर किया गया है।
लड़ाई-झगड़ों और हादसों में ये हुए घायल
चंपापुरी निवासी संतोष, रामनगर निवासी प्रदीप, वार्ड-13 निवासी जितेंद्र, वार्ड-2 निवासी ललिता, अलाली निवासी प्रवीन, निहालगढ़ निवासी राजबाला, बलाली निवासी नवीन, मोरवाला निवासी रविंद्र, वार्ड-11 निवासी संगीता, रामलवास निवासी पूनम, वार्ड-10 निवासी जगन्नाथ, चिड़िया निवासी रोहित, गांधी नगर निवासी पवन, मानकावास निवासी सुशीला, बड़राई निवासी महिला संजू व बिमला, मानकावास निवासी सोहन व चंद्रो देवी, एमसी कालोनी निवासी दिलेर, बौंदखुर्द निवासी पवन कुमार, डोहका हरिया निवासी आशिष व दीपक, डोहका दीना निवासी संजय, नरेंद्र, रामकिशन, रेखा, लोकेश व कुलदीप, वार्ड-12 निवासी धोलिया, चिड़िया निवासी शीला, समसपुर निवासी पूजा, चिड़िया निवासी शकुंतला, चंपापुरी निवासी मनोज, पैंतावास कलां निवासी कुलदीप, वार्ड-एक निवासी दीनदयाल व निर्मला देवी नामक दंपत्ति घायल हो गए।
होली और धुलंडी पर सर्जन और फिजिशियन को एक कॉल पर इमरजेंसी कक्ष पहुंचने के आदेश थे। उन्होंने दोनों दिन अपनी ड्यूटी का निर्वहन बखूबी किया। इसके अलावा अस्पताल स्टाफ ने भी व्यवस्थाएं बनाने में पूरा सहयोग किया। जिन मरीजों को एक्स-रे, सीटी स्कैन या एमआरआई की जरूरत थी उन्हें हमने एंबुलेंस में भिवानी भेजा।
संजय गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन