अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे गर्भपात की दवा का कारोबार फल-फूल रहा है। वीरवार को यहां नागरिक अस्पताल के सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर पर हुई छापामारी से यह खुलासा हुआ। छापामार कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर से 18 एमटीपी किट और नशीली दवा की 24 शीशियां बरामद हुईं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उक्त मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है, जबकि स्टोर संचालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद से आसपास स्थित मेडिकल स्टोर्स और लैब संचालकों में हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग को नागरिक अस्पताल के आसपास गर्भपात एवं नशीली दवा बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थी। शिकायत के आधार पर सिविल सर्जन डॉ. आरएस पूनिया के मार्गदर्शन में विभाग की एक टीम गठित की गई। डॉ. मनमोहन शर्मा (डिप्टी सिविल सर्जन, पीएनडीटी) और डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राकेश के नेतृत्व में इस टीम ने यहां दस्तक दी। योजना के मुताबिक, अधिकारियों ने एक फर्जी ग्राहक की व्यवस्था कर उसे पावर हाउस रोड पर नागरिक अस्पताल के सामने स्थित दीपक मेडिकल स्टोर पर भेजा। महिला ने मेडिकल स्टोर पर जाकर एमटीपी किट मांगी तो संचालक ने सामने अस्पताल परिसर में खड़ी अपनी कार से किट लाकर थमा दी। एमटीपी किट के स्टोर संचालक ने 350 रुपये लिए। विभाग की टीम इस पर नजर बनाए हुए थी। जैसे ही संचालक ने महिला को गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली एमटीपी किट दी तो टीम ने रंगे हाथ स्टोर संचालक को काबू कर लिया। इसके बाद अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर में दवाओं और रिकार्ड खंगाला। यहां जांच के दौरान टीम को 18 एमटीपी किट मिली। इसके अलावा अस्पताल परिसर में खड़ी संचालक की गाड़ी से प्रतिबंधित नशीली दवा ऑनरेक्स की 24 शीशियां बरामद की। छापामार कार्रवाई करने वाली टीम में डॉ. देवेंद्र मेघा, डॉॅ. सविरा और डीसीओ रजनीश धानीवाल भी शामिल थे।
बहादुरगढ़ में एमटीपी किट दवा मिलने का मामला सामने आने पर सीनियर ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर डॉ. राकेश दहिया भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्टोर पर प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं। इसलिए स्टोर को सील कर दिया गया है। संचालक को पुलिस को सौंप दिया है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी।
नागरिक अस्पताल में खड़ी होती है गाड़ी
उक्त मेडिकल स्टोर संचालक दीपक की गाड़ी नागरिक अस्पताल परिसर में ही खड़ी होती है। इसी गाड़ी से प्रतिबंधित दवाइयां लाकर उपभोक्ताओं को दी जा रही थी। इसके अलावा अन्य मेडिकल स्टोर के मालिकों की भी गाड़ियां यहां खड़ी रहती हैं। अस्पताल प्रशासक डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने कहा कि वे फिलहाल किसी काम के सिलसिले में बाहर गए हुए हैं।
नागरिक अस्पताल परिसर के आसपास कई मेडिकल स्टोर व लैब हैं। विभाग की इस छापेमार कार्रवाई से उक्त तमाम स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। विभाग को आसपास के कुछ अन्य मेडिकल स्टोर पर भी शक है।
सप्लायर हत्थे चढ़ा तो कई फंसेंगे
टीम को स्टोर संचालक दीपक के फोन से किट एवं दवाई सप्लाई करने वाले सप्लायर का नंबर मिला है। अधिकारियों ने पुलिस को उक्त सप्लायर का भी नाम-नंबर दे दिया है। बताते हैं कि उक्त सप्लायर बहादुरगढ़ में कई स्थानों पर ये अवैध दवाएं उपलब्ध करा रहा है। उसके हत्थे चढ़ने के बाद कई नाम सामने आ सकते हैं।
जारी रहेगी कार्रवाई : आरएस पूनिया
सिविल सर्जन डा. रणदीप सिंह पूनिया ने कहा कि भ्रूूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यदि कोई गर्भपात करने या उनकी मदद करने का कार्य करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस तरह की छापामार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
केस दर्ज कर जांच शुरू की : एसएचओ
सिटी थाना प्रभारी तेलूराम ने कहा कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस और एमटीपी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ कर उससे सप्लायर के बारे में पता लगाया जाएगा। वह कब से और किस की शह पर ये काम कर रहा है, इस बारे में जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।