अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गांव रोहद के निकट एनसीआर माइनर में वीरवार की रात एक किशोर डूब गया। उसे बचाने के लिए कई ग्रामीण नहर में भी कूदे, मगर जब तक निकाला गया उसकी मौत हो चुकी थी। शुक्रवार की सुबह आसौदा पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिया।
मूलत: बिहार का निवासी महरूब चार दिन पहले ही रोजगार की तलाश में अपने गांव से यहां आया था। वह रोहद में अपने चाचा जाकिर के यहां रह रहा था। वीरवार की रात वह नहाने और कपड़े धोने के लिए एनसीआर माइनर पर गया। नहाने के बाद जब वह कपड़े धो रहा था तो उसका पांव फिसल गया। गहराई ज्यादा होने के कारण वह नहर में डूबता चला गया। उसने शोर मचाया तो आसपास काम करने वाले श्रमिक और राहगीर वहां पहुंचे। किसी व्यक्ति ने महरूब के चाचा जाकिर को सूचना दी। जाकिर सहित कई अन्य ग्रामीण व श्रमिक महरूब को बचाने के लिए नहर में कूद गए। काफी देर बाद महरूब को नहर से बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते की आसौदा चौकी से पुलिस अस्पताल में पहुंची। शुक्रवार की सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिया।
जांच अधिकारी नसीब सिंह ने कहा कि अस्पताल से उन्हें सूचना मिली थी। मामले में 174 के तहत कार्रवाई की गई है। मृतक महरूब दो भाइयों में बड़ा था। कुछ वर्ष उसके छोटे भाई की भी डूबने से मौत हो गई थी।