बीती रात वध के लिए ले जाए जा रहे गोवंश की जान गोसेवकों और पुलिस के प्रयास से बच गई। ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे गए 12 बैलों को मुक्त कराकर गोशाला में छुड़वा दिया। इस मामले में एक गोरक्षक भी घायल हुआ है। पीड़ित ने पुलिस पर मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।
बीती रात करीब एक बजे गो रक्षक दल के प्रधान नवीन के पास फोन आया कि गोवंश से भरा एक ट्रक हांसी से दिल्ली की ओर जा रहा है। इस सूचना पर नवीन और उसके साथी रोहद टोल के पास खड़े हो गए। यहां पुलिस को भी 100 नंबर पर कॉल की गई।
जब रोहद टोल के पास ट्रक को रुकवाने की कोशिश की गई तो ड्राइवर ने ट्रक खाली होने की बात कहकर स्पीड बढ़ा दी। इस पर ट्रक का पीछा किया गया। दहकौरा मोड़ तक पहुंचे ही थे कि वहां एक स्कॉर्पियो भी तस्करों की मदद के लिए ट्रक के साथ चल दी।
सूचना पर दिल्ली-बहादुरगढ़ बॉर्डर पर तैनात पुलिस ने ट्रक को रुकवाया। जांच की तो ट्रक के अंदर 12 बैलों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। घायल छह बैलों को माजरा स्थित गोशाला और छह को गोयला कलां गोशाला में छुड़वा दिया गया।
पुलिस ने मौके से ट्रक चालक जमशेद निवासी रसूलपुर (यूपी) को गिरफ्तार किया, जबकि ट्रक में सवार एक अन्य तस्कर और स्कॉर्पियो सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग इधर, पीड़ित नवीन ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।
नवीन का कहना है कि पहले तो पुलिस से तस्करों की गाड़ी रुकवाई नहीं गई। आरोप है कि जब ट्रक रुका तो वह उसके चालक को केवल नीचे उतार ही रहा था कि पुलिस ने उसके साथ ही मारपीट शुरू कर दी। गाड़ी जांच के बाद जब बैल दिखाई दिए तो पुलिस ने उसे छोड़ा और भाग खड़ी हुई।
चोटिल हालत में उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया गया। दोपहर बाद वहां से छुट्टी मिल गई। इसके बाद नवीन और उसके साथी थाने में आ गए और पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
नवीन के साथी मंदीप ने बताया कि इस मामले में पुलिस में शिकायत दे दी गई है। उनकी संत गोपाल दास से भी बात हुई है। इस संबंध में सीएम विंडो में भी शिकायत दी जाएगी। पुलिस कर रही इन्कार बताया जा रहा है कि नवीन और उसके साथी स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार थे, जबकि गो तस्करों के साथ भी एक स्कॉर्पियो गाड़ी चल रही थी। जब नवीन ट्रक चालक के पास पहुंचा तो पुलिस ने उसे तस्कर समझकर पिटाई कर दी। बॉर्डर के उस तरफ दिल्ली पुलिस भी खड़ी थी।
नवीन का आरोप तो यहीं की पुलिस पर है, लेकिन यह अभी साफ नहीं हो पाया है, उसकी पिटाई किसने की। उधर, पुलिस ने इस मामले में नवीन के साथ मारपीट करने से इन्कार कर दिया है। मामले में कार्रवाई कर रहे एमआईई चौकी प्रभारी कर्ण सिंह का कहना है कि नवीन की शिकायत पर जांच की जा रही है, जबकि फरार ट्रक मालिक उस्मान को भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।