अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। रोहतक-दिल्ली रूट पर चलने वाली एक पैसेंजर ट्रेन में बुधवार की सुबह एक साधु का शव मिला। साधु के चेहरे पर चोट के निशान हैं। शव की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है और न ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाए हैं। रोहतक से दिल्ली जाने वाली सवारी गाड़ी ईएमयू सुबह करीब साढ़े 8 बजे बहादुरगढ़ पहुंचती है। बुधवार की सुबह गाड़ी की एक बोगी में बुजुर्ग साधु का शव पड़ा था। किसी यात्री ने देखा तो उसने रेलवे कर्मियों और पुलिस तक यह सूचना पहुंचाई। बहादुरगढ़ पहुंचने पर गाड़ी से शव बाहर निकाला गया। पुलिस ने यात्रियों से पूछताछ की और मृतक के वस्त्रों को खंगाला लेकिन कुछ ऐसा नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। इसके बाद पुलिस शव को नागरिक अस्पताल ले गई। जांच अधिकारी एसआई महेंद्र ने कहा कि मृतक की उम्र करीब 65 वर्ष होगी। इसके पास पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला है। चेहरे पर चोट के निशान हैं। संभावना जताई जा रही है कि कहीं गिरने से चोट लगी होगी। असली कारण क्या है, ये तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। फिलहाल शव को नागरिक अस्पताल में रखवा दिया गया है। पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
साढ़े तीन घंटे तक जीआरपी थाने में पड़ा रहा शव
ट्रेन में सुबह करीब साढ़े 8 बजे मिला शव कई घंटे तक जीआरपी थाने में ही रहा। दरअसल, ट्रेन में शव रोहतक क्षेत्र में देखा गया था। जब तक पुलिस पहुंचती ट्रेन चल चुकी थी। इसके बाद शव को बहादुरगढ़ जीआरपी ने संभाला। रोहतक पुलिस से संपर्क किया तो वहां से एक टीम बहादुरगढ़ के लिए चली। इस तरह से 12 बजे तक शव जीआरपी थाने में ही पड़ा रहा। इसके बाद दोनों जिलों की रेलवे पुलिस में बातचीत हुई और बहादुरगढ़ पुलिस ने कार्रवाई की।