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अनिल छिपी गैंग का शार्प शूटर अमिताभ चढ़ा एसटीएम के हत्थे

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बहादुरगढ़। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराध पर नियंत्रण रखने के लिए बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ बहादुरगढ़ ने 9 साल से पुलिस पकड़ से बाहर 75 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 6 लोगों की हत्या, एक हत्या के प्रयास, तीन वाहनों की लूट और एक लूट का केस दर्ज है। शुक्रवार को अदालत में पेश करने के बाद बदमाश को जेल भेज दिया गया।
बदमाश रोहतक के कारोर गांव निवासी गैंगस्टर अनिल छिपी की गैंग का शार्प शूटर हैं। आरोपी की पहचान दिल्ली के गंगापुर निवासी अमिताभ उर्फ मन्नू के रूप में हुई है। अमिताभ ने 2007 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। पहली बार 2007 में उसने रोहतक के कारोर गांव निवासी गैंगस्टर अनिल छिपी के साथ मिलकर लूट की वारदात की। जिसके बाद वह एक के बाद एक बड़ी वारदातों को अंजाम देता चला गया।
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शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि आरोपी अमिताभ उर्फ मन्नू की मुलाकात गैंगस्टर अनिल छिपी से उस वक्त हुई थी जब वह दिल्ली में प्राइवेट बस में कंडक्टर का काम करता था। गांव में हुई गैंगवार के बाद अपना गैंग खड़ा करने के लिए उसने अमिताभ से संपर्क किया था। आरोपी ने वर्ष 2009 में यूपी के बड़ोत में अपने दोस्त की मामी को गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। मई 2010 में अमिताभ ने रोहतक बाईपास पर गैंगवार के चलते दोहरे हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया था। मार्च 2012 में अमिताभ ने झज्जर के दुलीना के पास भोंडसी जेल से गुरुग्राम के लिए जा रही पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया था। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और तीन कैदियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस पर एक ट्रक और दो मोटरसाइकिल लूटने का भी आरोप है। कुल मिलाकर अमिताभ उर्फ मन्नु नाम का यह बदमाश 6 लोगों की हत्या कर चुका है और इस पर दिल्ली में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का भी आरोप है।
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9 साल से था फरार
एसटीएफ बहादुरगढ़ प्रभारी सोनू मलिक ने बताया कि आरोपी पिछले 9 साल से फरार चल रहा था। वह अब तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा। फिलहाल वह कुछ वर्षों से इधर-उधर भटक रहा था। इस पर 75 हजार रुपये ईनाम था। एसटीएफ बहादुरगढ़ ने गश्त के दौरान कानोन्दा गांव के पास से उसे काबू कर लिया। बीते 9 साल में वह पहली बार गिरफ्तार हुआ है। आरोपी के पास से एक अवैध पिस्तौल भी बरामद हुआ। शुक्रवार को अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

इन वारदातों में शामिल रहा अमिताभ
1. वर्ष 2007 में साथियों सहित मिलकर दिल्ली के बवाना में लूट की।
2. वर्ष 2008 में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया।
3. वर्ष 2009 में साथियों संग मिलकर यूपी में दोस्त की मामी की हत्या की।
4. वर्ष 2010 में सोनीपत में ट्रक छीना।
5. 13 मई 2010 में साथियों के साथ मिलकर रोहतक में दो लोगों की हत्या की।
6. 13 मई 2010 को डबल मर्डर के बाद करोर गांव में दो बाइक छीनी।
7. 10 मार्च 2012 को बदमाशों को भोंडसी जेल ले जा रही पुलिस वैन पर झज्जर में हमला, तीन बदमाशों की हत्या।
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