बहादुरगढ़।
गुरुग्राम से होंडा सिटी कार में भरकर बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में ले जाया जा रहा एक क्विंटल गांजा सीआईए ने पकड़ा है। गांजे सहित एक आरोपी को भी काबू किया गया है। पकड़े गए आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गांजा तस्कर गिरोह के सरगना के तौर पर लाइनपार के एक युवक का नाम सामने आ रहा है।
दरअसल, वीरवार को सीआइए-2 को गुप्त सूचना मिली कि गांजे से भरी गाड़ी कुछ देर में बहादुरगढ़ से गुजरेगी। इस सूचना पर सीआईए टीम तुरंत हरकत में आई। इंचार्ज जसबीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम बादली चुंगी पर पहुंची और नाका लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान झज्जर की ओर से एक होंटा सिटी कार आई। टीम ने इशारा देकर उसे रुकवाया। चालक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम राजेश निवासी बसई (गुरुग्राम) बताया। इसके बाद टीम ने तलाशी ली तो गाड़ी में पांच कट्टे मिले। कट्टों में गांजा भरा हुआ था। तोलने पर गांजा 100 किलो पाया गया। इस मामले में जानकारी देते हुए एसपी पंकज नैन ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने इस अवैध धंधे में एक और व्यक्ति के शामिल होने का खुलासा किया है। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बकौल एसपी नैन, जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लाइनपार का शख्स है सरगना
नशे के इस कारोबार के पीछे राजेश तो सिर्फ मोहरा है, असल सरगना तो लाइनपार का निवासी एक शख्स है। राजेश तो उसके पास 30 हजार रुपये में ड्राइवरी करता है और इसके अलावा इस धंधे में कुछ शेयर भी डाला है। वहीं सरगना नशे के कारोबार के आरोप में उड़ीसा में भी गिरफ्तार हो चुका है।
उड़ीसा से लाया जाता है गांजा
यह गिरोह गांजा ही नहीं शराब की भी तस्करी करता है। दरअसल, ये यहां से शराब लेकर बिहार जाते हैं। वहां शराब छोड़ने के बाद आगे उड़ीसा चलाते हैं और वहां से गांजा लेकर लौटते हैं। राजेश कुछ दिन तक गांजा अपने पास गुरुग्राम में रखता है। बहादुरगढ़ निवासी मुखिया का इशारा मिलने के बाद ही वह गांजे को लेकर लाइनपार जाता है। लाइनपार से ही गांजा कहीं और सप्लाई होता है। पुलिस का कहना है जल्द ही मुख्य आरोपी उनकी गिरफ्त में होगा। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पता चल पाएगा कि गांजा यहां से कहां जाता है और कौन-कौन इस धंधे में जुड़ा हुआ है।