गांव सोलधा स्थित एक्सिस बैंक के मैनेजर समेत अन्य अधिकारियों ने एचएल सिटी निवासी महिला और उनके परिजनों को उनके बैंक के माध्यम से पैसा दुबई भेजने के एवज में कैशबैक देने का झांसा दिया था। मगर गत वर्ष मार्च में करीब साढ़े 4 करोड़ रुपये भेजने के बाद भी उन्हें कैशबैक नहीं मिला। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उनके परिवार से करीब 25 लाख रुपये धोखाधड़ी कर ठग लिए हैं। शिकायत के आधार पर सदर थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत अभियोग दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में एचएल सिटी निवासी वेद कौर पत्नी सुंदरलाल ने बताया कि उनका पोता दुबई में रहता है। उसके पास उन्हें अपने पुत्र राकेश के माध्यम से राशि भेजनी थी। सोलधा गांव में स्थित एक्सिस बैंक के मैनेजर योगेश से इस बारे में चर्चा होने के बाद वह अपने साथ अगम राणा, रूपा व राहुल कलसी को लेकर उनके पुत्र राकेश के कार्यालय में आया। योगेश ने बताया कि यह बैंक की फॉरेक्स शाखा के उच्च अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि बैंक की स्कीम के अनुसार यदि उनके बैंक में खाता खुलवाकर भारतीय मुद्रा को कानूनी तरीके से दुबई भेजा जाएगा, तो विदेशी मुद्रा एक्सचेंज के तहत लगने वाले बैंक चार्ज को उन्हें कुछ दिनों के भीतर कैशबैक के रूप में उनके एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सोलधा स्थित एक्सिस बैंक की ब्रांच में खाता खुलवा लिया। वेद कौर के अनुसार खाता खुलवाने के बाद उन्हें बताया गया कि भारतीय मुद्रा को कानूनी तरीके से दुबई भेजने में फॉरेक्स चार्ज के नाम से लगने वाले शुल्क में से 7 लाख रुपये की राशि बतौर कैशबैक उनके खाते में वापस आ जाएगी। उनके अनुसार बैंक के अधिकारी उनके पुत्र राकेश के कार्यालय में आए और उनके इंटरनेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड लेकर वेद कौर के खाते से एक करोड़ 69 लाख 80 हजार 409 रुपये, उनकी पुत्रवधू शैलजा के खाते से एक करोड़ 30 लाख 99 हजार 741 रुपये, उनकी रिश्तेदार सविता दलाल के खाते से एक करोड़ 30 लाख 14 हजार 869 रुपये और उनके परिचित रविंद्र कुमार के खाते से एक करोड़ 18 लाख 96 हजार 220 रुपये मार्च 2019 में दुबई भेजे। उनके अनुसार वे महीनों से कैशबैक का इंतजार करती रही। बार-बार संपर्क करने के बावजूद इन अधिकारियों ने औपचारिकता के नाम पर देरी होने का बहाना बनाया। हालांकि कई दिनों बाद इन्होंने सविता दलाल के खाते में 4 लाख 43 हजार 379 का कैशबैक जमा करा दिया। साथ ही शेष करीब 25 लाख रुपये की रकम भी शीघ्र जमा करवाने का आश्वासन दिया। लेकिन आज तक यह राशि उनके खाते में ट्रांसफर नहीं की गई। सदर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी तथा अमानत में खयानत के आरोप में अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।