क्षेत्र के गांव सराय औरंगाबाद निवासी एक व्यक्ति ने फाइनेंसर के दबाव के चलते परेशान होकर बुधवार की सुबह कोई जहर निगल लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां उसका इलाज जारी है। उधर, सूचना मिलने पर संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार के सराय औरंगाबाद निवासी बलजीत हॉर्टी कल्चर विभाग में हेड माली के पद पर कार्यरत था। बलजीत ने फाइनेंसर के दबाव में एक शिकायत पत्र भी लिखा हुआ है, जिसमें डीएसपी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायत की हुई है। उसमें हवाला दिया हुआ है कि उसने किसी निजी कार्य के लिए कई साल पहले अपने एक परिचित के माध्यम से फाइनेंसर से लगभग तीन लाख रुपये उधार लिए थे। यही नहीं इसके लिए फाइनेंसर ने 15 हजार रुपये ब्याज व 15 हजार फाइल चार्ज पहले काट लिया था। बलजीत के अनुसार बाद में फाइनेंसर को समय-समय पर उसकी बकाया राशि भी लौटा दी थी, लेकिन उसके बावजूद भी देनदारी निकाले रखी और 20 लाख रुपये की देनदारी को लेकर उस पर बेवजह दबाव बनाया जाता रहा। उसका आरोप है कि जब उसके द्वारा उक्त रुपये को गलत ठहराया गया तो उसे जान से मारने की धमकी देकर उसका मकान खाली करने के लिए दबाव बनाया गया। यही नहीं घर में घुसकर हथियार के बल पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। इससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। बलजीत के अनुसार फाइनेंसर से परेशान होकर उसने 10 जुलाई को एक शिकायत पुलिस अधीक्षक झज्जर व उप पुलिस अधीक्षक बहादुरगढ़ को स्वयं पेश होकर दी थी। यही नहीं हरियाणा पुलिस के महानिदेशक, रोहतक रेंज के आईजी, मुख्यमंत्री हरियाणा व अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली को भी पत्र लिखकर शिकायत की थी। साथ में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। मगर प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते फाइनेंसर उस पर दबाव बनाकर उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देते आ रहे हैं। इससे पूरा परिवार सहमा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए न्याय नहीं दिलाया तो परिवार समेत आत्मदाह करने को मजबूर होगा।