अधूरा काम पूरा करने के लिए संशोधित एस्टीमेट मुख्यालय को भेजा, काम पूरा करने की तारीख 15 सितंबर तक बढ़ाई
फोटो-7
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। कुलाना में 7 साल से चल रहा राजकीय कॉलेज का निर्माण अभी तक अधूरा है। बिल्डिंग में अब भी पार्किंग, फायर फाइटिंग का काम बाकी है। इस कारण विभाग ने काम पूरा करने की समय सीमा बढ़ाकर 15 सितंबर रख दी है, लेकिन इस समय अवधि में भी काम पूरा होने की उम्मीद कम ही है। लिहाजा इस सत्र में भी कॉलेज के नए भवन में पढ़ाई होना मुश्किल है।
राजकीय महाविद्यालय कुलाना के लिए 12 एकड़ में बिल्डिंग का निर्माण जारी है। बिल्डिंग लगभग बनकर तैयार है, लेकिन अभी पार्किंग, फायर फाइटिंग व अन्य कुछ का काम बाकी है। लोक निर्माण विभाग (भवन एवं मार्ग) की तरफ से इसका निर्माण किया जा रहा है। अब तक इस पर लगभग 12 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो चुकी है। कॉलेज निर्माण के संबंध में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने संशोधित एस्टीमेट तैयार किया है, जिसमें पार्किंग, फायर फाइटिंग व अन्य काम के लिए लगभग 17 से 18 लाख की मांग मुख्यालय से की जानी है। एक माह फाइल भेजने और एस्टीमेट पास होकर बजट आने में ही लग जाएगा। ऐसे में फिलहाल लोगों को कॉलेज नई बिल्डिंग में शुरू होने का इंतजार करना पड़ेगा।
21 क्लास रूम, लाइब्रेरी, कैंटीन सहित इनका होगा निर्माण
नवनिर्मित भवन में एक मल्टीपरपज हाल, प्रिंसिपल आफिस, 21 क्लास रूम, नौ फैकल्टी रूम, तीन लेक्चर हाल, दो कंप्यूटर लैब, एक गर्ल्स कामन रूम, लाइब्रेरी, कैंटीन, स्टाफ रूम, जिम्नेजियम, स्कालरशिप रूम, वीमेन सेल, यूनिवर्सिटी रूम, वेटिंग रूम आदि होंगे। एक ही परिसर में शिक्षा, आइटी, खेल, रिक्रिएशन एक्टिविटी को ध्यान में रखकर भवन को विकसित किया जा रहा है।
मंत्री के समक्ष समस्या उठा चुके हैं ग्रामीण
पिछले दिनों संवाद भवन में हुई जिला परिवेदना समिति की बैठक में कुलाना के ग्रामीण सिंचाई राज्य मंत्री डॉ. अभय यादव से मिले थे। उन्होंने मांग की थी कि कुलाना का कॉलेज जल्द शुरू किया जाए, जिस पर मंत्री ने एक्सईएन से जवाब भी मांगा था। ग्रामीणों ने कक्षाएं शुरू करने की मांग की थी, क्योंकि फिलहाल धर्मशाला परिसर में ही कक्षाएं चल रही हैं। इस पर एक्सईएन ने दो माह में दो फ्लोर कक्षाएं शुरू करने देने का आश्वासन दिया था।
वर्जन
दोबारा एस्टीमेट तैयार किया गया है। उसे मुख्यालय भेजा जाएगा। 15 सितंबर तक इसे पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। पूरा प्रयास किया जाएगा कि तय समय में काम पूरा कराया जाए।
नितेश यादव, जेई, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, झज्जर