01jjrp24- झज्जर। बैठक को संबोधित करते पुलिस आयुक्त बी. सतीश बालन। फोटो- पुलिस पीआरओ
झज्जर। नए कानून लागू होने के संबंध में झज्जर के लघु सचिवालय में पुलिस कमिश्नर बी. सतीश बालन ने जिले के सभी चौकी और थाना प्रभारियों की बैठक ली। उन्होंने महिलाओं, बच्चों व वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने की हिदायत दी। कहा कि नए कानून में पुलिस की जिम्मेदारी और जवाब देही तय है इसलिए समय पर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करें।
बैठक में झज्जर के पुलिस उपायुक्त शशांक कुमार सावन, बहादुरगढ़ जोन के पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा, डीसीपी झज्जर लोकेश कुमार और पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में 170 धाराएं हैं, जो पहले 167 होती थी। 23 धाराओं में बदलाव किया गया है और पांच धाराओं को निरस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी एफआईआर दर्ज कर सकता है। वह चाहे उसके अधिकार क्षेत्र में हो या नहीं। इसके बाद थाना उसके पंजीकरण के बाद 15 दिनों के अंदर इसकी शिकायत को संबंधित स्टेशन में भेजना अनिवार्य होगा। यौन उत्पीड़न के ब्यान दर्ज करवाते समय वीडियोग्राफी अनिवार्य है। जब भी हम किसी की भी तलाशी लेते हैं तो उसकी भी वीडियोग्राफी करनी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि हर मौका घटना स्थल पर एफएसएल की टीम को बुलाना बहुत जरूरी है।
पुलिस कमिश्नर सतीश बालन ने पीड़ितों की शिकायतों पर तुरंत प्रभाव से काम करते हुए उन्हें न्याय दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। इससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और अपराधी और दोषियों को समय पर सख्त सजा दिलाई जा सके। तीन नए कानून लागू होने से पुलिस की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती है, इसलिए सभी समय पर जांच पूरी करें और चार्जशीट दाखिल करें।