संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। लघु सचिवालय स्थित पार्क परिसर में लिपिक वर्ग द्वारा 24वें दिन क्लेरिकल एसोसिएशन के आह्वान पर भूख हड़ताल के साथ धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता गणेश कुमार व मंच संचालन श्रीभगवान ने किया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि नो वर्क नो पे के पत्र से डरने वाले नहीं हैं। अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
लघु सचिवालय स्थित पार्क परिसर में सभी विभागों के लिपिक वर्ग द्वारा दिए जा रहे धरने में शिक्षा विभाग से दीपक भारद्वाज, बाला, संतोष, प्रीतम, मुकेश व राहुल ने भूख हड़ताल पर रहे। लिपिकों ने सरकार द्वारा जारी नो वर्क, नो पे के पत्र पर भी सरकार के खिलाफ रोष जताया गया और कहा कि भविष्य में हड़ताल को जारी रखा जाएगा।
एसोसिएशन की ओर से साफ कर दिया है कि जब तक सरकार 35,400 रुपये वेतनमान नहीं लागू करती, जब तक धरना जारी रहेगा। जिला संयोजक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में सभी विभागों के सहायकों व लिपिक वर्ग द्वारा सामाजिक कार्यों में सहयोग देते हुए शांतिपूर्ण हड़ताल जारी है और मांग न मानने तक अनवरत जारी रहेगी। इसके साथ-साथ उन्होंने सरकार द्वारा एसोसिएशन के साथ की गई तीन चरणों में की गई बातचीत में सरकार द्वारा मांग पर अमल नहीं करने पर सरकार के खिलाफ रोष जताया गया।
इस अवसर पर कृषि विभाग से अधीक्षक सुरेश सुहाग, आरती, उप अधीक्षक यशपाल, पंचायती राज से जितेन्द्र कुमार, एसोसिएशन के खजांची धर्मेंद्र ढाका, उच्च शिक्षा से नरेश कुमार, सुनील कुमार, रेवेन्यू से पुरषोत्तम, दिनेश कुमार, गणेश, उमेश कुमार रोहिल्ला, सुनील कुमार, पवन कुमार, रामपाल, रोडवेज से जोगेंद्र सिंह, पब्लिक हेल्थ से राजेन्द्र सिंह, ओमबीर, अमित कुमार, सुषमा, अंजू, सहित अन्य विभागों के सहायक व लिपिक मौजूद रहे।
लिपिकों की प्रतिक्रिया
सरकार लिपिकाें को डराने के लिए नो वर्क, नो पे का पत्र निकालने से लिपिक डरने वाले नहीं हैं। लिपिकों का धरना प्रदर्शन वेतनमान बढ़वाने के लिए जारी रहेगा।
- सुरेंद्र सिंह, लिपिक।
लिपिकों की व सरकार की कई दौर की बातचीत बेनतीजा निकली है, लिपिक अपने मांगों को लेकर अब भी कायम हैं।
- दिनेश कुमार, लिपिक।
विभिन्न विभागों के लिपिकों का धरना प्रदर्शन लघु सचिवालय में वेतनमान बढ़वाने के लिए जारी है। सरकार के दबाव में लिपिक आने वाले नहीं हैं।
- रेखा देवी, लिपिक।
सरकार लिपिकों की मांग जब तक नहीं मानेगी, तब तक उनका धरना व भूख हड़ताल निरंतर जारी रहेगी।
- पूजा, लिपिक।