संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। जिले के सभी विभागों, विश्वविद्यालयों, निगम व बोर्डों सहित अन्य संस्थानों के लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी, हरियाणा के आह्वान पर सभी कर्मचारी सभी जिलों के लघु सचिवालय के सामने हड़ताल पर बैठे रहे।
लिपिकीय वर्ग ने कार्य समीक्षा के आधार पर वेतनमान 35 हजार 400 रुपये निर्धारित करने की मांग की। तेज बारिश में भी लिपिक अपनी मांगों को लेकर डटे हुए है। जिला प्रधान आनंद कुमार ने बताया कि हड़ताल में सभी जिलों से सभी लिपिकीय कर्मचारियों द्वारा भाग लिया गया। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा द्वारा सिर्फ एक ही मांग लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 19900 से बढ़ाकर 35 हजार 400 रुपये करना है। एसोसिएशन के पिछले तीन वर्ष से चल रहे ज्ञापन प्रोग्राम व 18 जून के रोष प्रदर्शन के बावजूद सरकार जायज मांग को नजरंदाज कर रही हैं।
एसोसिएशन द्वारा प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों व अन्य सरकारी प्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बावजूद सरकार हमारी मांगों को लेकर बातचीत नहीं कर रही हैं और समय-समय पर लिखित में झूठे आश्वासन दे रही है। प्रदेशभर के सभी लिपिक वर्ग के कर्मचारियों ने 18 जून को मुख्यमंत्री आवास को घेराव किया गया था, तब सरकार द्वारा लिखित आश्वासन दिया था कि 4 जुलाई तक मुख्यमंत्री एसोसिएशन प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा 4 जुलाई तक कोई बातचीत नहीं की गई।
रविवार को हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे मोहित गुलिया ने बताया कि जब से प्रदेश का गठन हुआ है, तब से हरियाणा सरकार ने समय-समय पर विभिन्न पदों जैसे अध्यापक, फार्मासिस्ट, एमपीएचडब्ल्यू, जीएनएम, नर्सिंग स्टाफ, जूनियर इंजीनियर एवं अन्य पदों के कार्यों की समीक्षा के बाद या अन्य किसी दूसरे कारणों से उनके वेतनमान मे सम्मान जनक बढ़ोतरी की है। पहले लिपिक पद का वेतनमान एमपीएचडब्ल्यू, ड्राइवर, वैक्सीनेटर, सिग्नलर, फोरेस्ट गार्ड, जेबीटी टीचर, जूनियर इंजीनियर, पटवारी, फार्मासिस्ट आदि पदों के वेतनमान के लगभग बराबर या इनसे ज्यादा हुआ करता था, लेकिन सातवें वेतन आयोग तक लिपिक पद का वेतनमान अन्य पदों की तुलना में अपग्रेड नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि 2016 के वेतन आयोग में लिपिक का वेतनमान 19 हजार 900 रुपए निर्धारित किया गया हैं तथा एमपीएचडब्ल्यू, जेबीटी, जूनियर इंजीनियर व डिप्टी रेंजर का 35 हजार 400 रुपए निर्धारित किया गया हैं। सरकार द्वारा लिपिक पद अन्य वर्ग के वेतनमान में चार पे-स्केल का अंतर कर दिया गया हैं। सरकार द्वारा कार्य समीक्षा के आधार पर वेतनमान नहीं दिया जा रहा हैं।
इस अवसर पर सुरेश सुहाग अधीक्षक, गणेश नूनवाल, प्रवेश, विक्रम, सतीश कुमार, निर्मल, मोहित कुमार, राजहंस, अरुण कुमार, रिंकू, आजाद सिंह, सुरेंद्र, मनोज, दिनेश, नरेश कुमार, राजेश कुमार, रोहताश, सतीश, यशपाल सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।