स्मॉग का खतरनाक स्तर अब सामान्य जनजीवन को सीधे प्रभावित करने लगा है। शहर के लोग मास्क लगाने पर मजबूर हो गए हैं। रविवार को झज्जर का एक्यूआई 500 तक पहुंच गया। ऐसे में सांस लेना भी मुश्किल होने लगा है। शनिवार की रात को हुई बूंदाबांदी के बावजूद एक्यूआई का स्तर घटने की बजाय बढ़ रहा है। ऐसे हालात में लोगों का घरों से बाहर निकलना कम तो ही हो गया है, इसके साथ-साथ लोग सुरक्षा की दृष्टि से अब मास्क खरीदने लगे हैं। सामान्य अस्पताल में भी मास्क उपलब्ध हैं लेकिन यहां पर सिर्फ फिजीशियन द्वारा लिखने के बाद ही उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। शहर में एक अनुुमान के अनुसार करीब 80 लाख रुपये की आतिशबाजी दिवाली की रात को हुई है। बड़े पैमाने पर शहर में आतिशबाजी को रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। शहर में अधिकारियों ने यह भी जानना जरूरी नहीं समझा कि शहर में जब पटाखा बिक्री के लिए स्टॉल नहीं लगे हुए तो पटाखा आया कहां से है। पर्यावरण को खराब करने का खामियाजा अब शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।