झज्जर। शहर की सब्जी मंडी में बैठने के लिए जगह को लेकर आढ़ती और माशाखोर के बीच खींचतान ओर बढ़ गई। दोनों पक्षों के लोग काफी संख्या में एकत्रित होकर मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और अपना पक्ष रखा।
दरअसल कोरोना काल के समय प्रशासन की ओर से माशाखोरों को सब्जी मंडी में शैड व उसके आसपास पेंट से निशान लगा कर सब्जियां बेचने के लिए जगह आवंटित की थी। इसकी एवज में मशाखोरों को प्रतिदिन 50 रुपये मार्केट कमेटी को देने थे। मार्केट कमेटी द्वारा करीब 350 प्लाट काटे गए थे, लेकिन आढ़ती की आढ़त पर माल की आवक होने पर जगह कम पड़ने लगी जिसके बाद मामला बिगड़ने लगा। इस विषय को लेकर दोनों पक्ष मार्केट कमेटी के अधिकारियों के पास लेकर पहुंचे और अपना पक्ष रखा। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को सुना।
माशाखोरों के प्रधान सुंदर ने बताया कि वह सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से अपनी जगह पर सही बैठे हैं और किराया भी समय पर चुका रहे हैं लेकिन आढ़तियों द्वारा गलत तरीके से प्लाटों पर कब्जा किया हुआ है और जो मार्केट कमेटी की ओर से आढ़तियों को जगह दी गई है उस पर वह अपने चहेतों को भी बिठाकर सब्जी बेच रहे हैं जो कि नाजायज है। उधर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान नरेंद्र ने बताया कि उनके पास जब किसानों का माल आता है तो उसके लिए जगह कम पड़ जाती है। उन्हें किसानों के माल के लिए उचित जगह और एक समय का दायरा दिया जाए। जिससे कि वह किसानों की फसल आसानी से भेज सकें इसी के लिए आज वह अधिकारियों से मिलने आए हैं। आढ़ती माशाखोरों के खिलाफ नहीं है क्योंकि माशाखोरों के बिना उनका माल बिक नहीं सकता। मार्केट कमेटी की ओर से गठित की गई टीम कछ एक सदस्य सौरभ चौधरी ने बताया कि आज उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी है और जो भी जायज होगा और दोनों पक्षों के हित में होगा। वह फैसला लिया जाएगा अभी किसी भी निर्णय पर बात नहीं कर सकते।