बेरी। बाजार में होली के लिए रंग-गुलाल और पिचकारियां दुकानाें पर सज गई है। शिव चौक से लेकर मेन बाजार तक दुकानदारों ने दुकानों को सजा रखा था। सबसे अधिक बच्चों की टैंक वाली व अन्य छोटी-बड़ी पिचकारी व हर्बल गुलाल की मांग रही।
बेरी मेन बाजार में पिछले कई वर्षों से रंग-पिचकारी की स्टाल लगाने वाले पवन कहना है कि आजकल बाजारों में त्योहार की रौनक एक दो दिन पहले अधिक होती है। अभी तो ग्राहक इक्का-दुक्का आ रहे हैं। फाग से एक दिन पहले होलिका दहन के दिन ग्राहकों की भीड़ अधिक होने की उम्मीद है। इस बार बाजार में अलग-अलग तरह की पिचकारी, गुब्बारे और अन्य आकर्षक आइटम आए है। प्रेशर वाली पिचकारी 100 से लेकर 300 रुपये तक ही उपलब्ध है। टैंक के रूप में पिचकारी 150 से लेकर 400 रुपये तक की बिक रही है।
100 साल बाद होली और चंद्र ग्रहण एक साथ : जयप्रकाश वत्स
आचार्य जयप्रकाश वत्स ने बताया कि इस वर्ष होली पर चंद्र ग्रहण का भी साया रहेगा। चंद्र ग्रहण 25 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर 3 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। उन्होंने बताया कि होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 24 मार्च रात्रि 11 बजकर 14 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। यानि इस दौरान होलिका करना शुभ रहेगा। होलिका दहन के लिए भद्रा साया रहेगा।
होली के रंगों से सेहत का भी रखे ख्याल : एमओ
बेरी नागरिक अस्पताल के एमओ डॉ. दीपांशु का कहना है कि होली के त्योहार की मस्ती में अपनी सेहत की सुरक्षा का भी ख्याल रखना है। केमिकल युक्त रंगों की बजाय हर्बल गुलाल का प्रयोग ही ठीक है। कई बार केमिकल का रिएक्शन होने से त्वचा को नुकसान हो जाता है।