झज्जर। शहर के रमेश कुमार मॉडल संस्कृति स्कूल में चल रहें ग्रीष्मकालीन शिविर में सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चे मूर्तिशिल्प, क्ले मॉडलिंग के गुर सीख रहे हैं।
बच्चों को प्रशिक्षण दे रहें सुनीता छिल्लर व पुष्कर ने बताया कि बच्चे बड़े जिज्ञासु प्रवृति के होते हैं, उनके मन में सवालों को एक सैलाब सा बना रहता हैं। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दिया जा रहा है। बच्चों को मूर्तिशिल्पकला, क्ले मॉडलिंग के बारे में सिखाया जा रहा है। बच्चे बड़े ही मनोयोग से विविध कलाओं को सीखने का काम कर रहें हैं।
प्रशिक्षक सुनीता छिल्लर व पुष्कर ने बताया कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में स्कूल स्तर के 5वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ‘टाबर उत्सव का आयोजन शहर शहीद रमेश कुमार मॉडल संस्कृति झज्जर परिसर में किया जा रहा है। विद्यालय के प्राचार्य जोगेंद्र सिंह ने बताया इस 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर टाबर उत्सव का उद्देश्य जिले के होनहार छात्र-छात्राओं को मूर्ति शिल्प कला में अपनी प्रतिभा निखारने व राज्य में लुप्त हो रही मूर्तिकला के विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के साथ-साथ होनहार कलाकारों को सुमार्ग देने, सरकारी स्कूल स्तर के विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में तकनीकी दृष्टिकोण प्रयोगात्मक अभ्यास के साथ निपुण बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विद्यार्थियों को मूर्तिकला विधा में प्रयोग होने वाली सामग्री जैसे क्ले, पीओपी व सामग्री से लघु मूर्ति बनाकर रंगों से हुनर भी सिखाए जाएंगे, जिससे भविष्य में उनको मूर्तिकला क्षेत्र में शिक्षा के साथ मूर्तिकला के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का भी ज्ञान मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आयु वर्ग के कोई भी विद्यार्थी इस शिविर में एक महीने के लिए निशुल्क भाग ले सकते हैं।