रोहतक। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चे ऐसे हैं जो मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ओर से बनाए गए उम्मीद काउंसिलिंग सेंटर से हुआ है। राज्य के 16 जिलों में बनाए गए इन सेंटर में हर रोज 7 से 8 दिक्कतें आती हैं। इन बच्चों की समस्याओं को हल करने के लिए विशेषज्ञों को भी तैनात किया गया है। विशेषज्ञों की ओर से कई दिक्कतों को दूर किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने अगस्त 2018 में 16 जिलों में कनफ्लिक्ट काउंसिलिंग सेंटर गठित किए थे। बाद में इसका नाम बदलकर उम्मीद काउंसिलिंग सेंटर रख दिया गया है। प्रत्येक सेंटर पर एक-एक विशेषज्ञ की नियुक्ति भी गई है। यहां रोहतक में पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन को इसका सेंटर बनाया गया है। बच्चों के लिए हेल्पलाइन नंबर 6283848596 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल करके विद्यार्थी अपने सवाल विशेषज्ञ से पूछ सकते हैं। कई बच्चों को इन सेंटर का फायदा मिल रहा है।
बच्चे पूछते हैं अजीबो-गरीब सवाल?
उम्मीद काउंसिलिंग सेंटर के विशेषज्ञ ने बताया कि कोरोना काल के समय हेल्पलाइन नंबर का काफी प्रचार-प्रसार हुआ था। उस वक्त जो बच्चे उन्हें कॉल करते थे, उनके मन में बेहद अजीब-गरीब सवाल उठते थे। कोई पूछता था, सर आत्महत्या करने का मन क्यों करता है? तो कोई पूछता था कि बच्चे डिप्रेशन में क्यों चले जाते हैं? इसके अलावा अध्यापकों के गुस्सा निकालने, पढ़ाई में मन नहीं लगने और अजीब-गरीब सपने क्यों आते हैं, ऐसे सवाल आते थे। इन सवालों का उचित जवाब देकर उनकी समस्या का समाधान किया जाता है।
राज्य के 16 जिलों में काउंसिलिंग सेंटर बनाए गए हैं। जिले में पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन में भी यह काउंसिलिंग सेंटर बनाया गया है। यहां विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
-मंजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी।