झज्जर। लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में शुक्रवार को परिवेदना समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे सामाजिक व न्याय अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने कई अधिकारियों को फटकार लगाई। बैठक में जिले के गांव पाटोदा निवासी सदाराम यादव पुत्र अर्जुन सिंह ने बताया कि वह झज्जर से ढांसा बॉर्डर एक निजी बस में बैठकर किसी काम से गए थे। वापस भी निजी बस से ही झज्जर अगले दिन आए तो उनके साथ बस के परिचालक ने दुर्व्यवहार किया और पूरा किराया भी लिया। सदाराम ने बताया कि वह वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आता है और उसके पास बस का पास व आधार कार्ड भी है, लेकिन सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और बस से नीचे उतारने की धमकी दी। इस पर मंत्री ओम प्रकाश यादव, उपायुक्त शक्ति सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए कि यदि कोई भी किसी बुजुर्ग व महिला से बस में दुर्व्यवहार करने की शिकायत आती है तो जांच करने के तत्काल बाद उस बस का परमिट रद्द किया जाए। सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री ओम प्रकाश यादव ने निजी बसों में हो रहे दुर्व्यवहार को चिंताजनक बताया और जांच के आदेश दिए।
बादली के विधायक बोले ट्रैफिक इंचार्ज को नहीं है बोलने की तमीज
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। बैठक में सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव के सामने बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि कुछ दिन पहले दो पार्षदों की गाड़ी ट्रैफिक इंचार्ज बलवान सिंह ने शहर के किसी चौक पर रोक ली थी, तो उन पार्षदों ने विधायक से बात करवाई तो ट्रैफिक इंचार्ज बलवान सिंह ने अभद्र भाषा में बात करते हुए कहा कि कौन सा बोल रहा है। इस पर विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि विधायक हलका बादली बोल रहा हूं फिर भी ट्रैफिक इंचार्ज का लहजा नहीं बदला, जिस पर परिवेदना समिति ने हलका बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने स्पष्ट तौर पर सभी प्रशासनिक अधिकारियों के सामने व मंत्री ओमप्रकाश यादव के आगे कहा कि सभी प्रशासनिक अधिकारी विधायक का प्रोटोकॉल समझे और फॉलो करें। विधायक दुर्व्यवहार करने पर अधिकारी को निलंबित भी कर सकता है।
पार्षद प्रतिनिधि को धमकी देने का मामला भी उठा
झज्जर। लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में शुक्रवार को आबकारी विभाग के अधिकारी ने गांव माजरा डी के पार्षद प्रतिनिधि को फोन पर अभद्रता करने व धमकी देने का मामला भी परिवेदना समिति की बैठक में उठा। मामले को लेकर गांव माजरा डी की पंचायत बेरी थाने में भी पहुंची थी। पंचायत की ओर से घटनाक्रम के बारे में बेरी थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह को अवगत करवाया जा चुका है। परिवेदना समिति की बैठक में मंत्री ओमप्रकाश यादव व डीसी ने कहा कि यदि शराब का ठेका मंदिर व स्कूल के आसपास है तो उसे हटवा दिया जाएगा। अभद्रता करने की विभागीय जांच की जाएगी। पार्षद प्रतिनिधि फोर्ड ने बताया कि अनुसूचित जाति की बस्ती में शराब के ठेके को बंद करवाने की मांग कई बार कर चुके है, लेकिन कोई भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। आबकारी विभाग के अधिकारी उन्हें धमका रहे हैं। शिकायत में गांव माजरा डी निवासी कृष्ण पुत्र जयबीर ने बताया कि वार्ड नंबर-16 से मेरी पत्नी जिला पार्षद है। माजरा बी में बने शराब ठेके को लेकर ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी। 24 जनवरी को माजरा बी के सरपंच व जिला पार्षद ने डीईटीसी झज्जर को ठेके को हटवाने को लेकर लिखित में शिकायत दी थी कि शराब ठेके को गांव की बस्ती से बाहर रखा जाए। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री ओमप्रकाश यादव ने शराब ठेके को लेकर जांच के आदेश दिए और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही।