झज्जर। गिरावड़ के वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर बनने के लिए माता-पिता ने भेजे थे लेकिन छह छात्रों ने अपराध की तरफ अपने कदम बढ़ा लिए। प्रतिबंध के बाद भी जूनियर छात्रों की रैगिंग लेने के आरोपों के बाद उन्हें कॉलेज से तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। आरोपी छात्रों ने एक छात्र के सिर में लोहे के कड़े से वार कर उसे घायल कर दिया है।
कॉलेज में एमबीबीएस के एक जूनियर छात्र ने बताया कि करीब दो दिन पहले तुषार व उसके दोस्त कॉलेज परिसर में घूम रहे थे। तभी एक सीनियर छात्र की उनसे किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। सीनियर छात्र की ओर से मामले में उनकी सहमति करवाई दी गई थी लेकिन बुधवार की रात को एक बार फिर से मामले ने नया मोड़ ले लिया और झगड़ा होने के बाद मामला पुलिस तक भी पहुंच गया।
कॉलेज की सुरक्षा पर सवाल
अगर रैगिंग के आरोप सही निकलते हैं तो कॉलेज प्रबंधन पर भी सवालिया निशान लगते हैं। आखिर प्रतिबंध के बावजूद रैगिंग होना कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। कहीं न कहीं लापरवाही अवश्य हो रही है।
इस विषय में संस्थान के चेयरमैन डॉ नरेंद्र सिंह पूछा गया तो उनका कहना है कि छात्रों के बीच मारपीट का मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने अपने स्तर पर कॉलेज की कमेटी को गठित किया है, ताकि झगड़े के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी मिल सके। वहीं इस मामले में चेयरमैन की तरफ से सीनियर व जूनियर छात्रों के माता-पिता को बुलाया। रैगिंग की बात को कॉलेज प्रबंधन की ओर से साफ-साफ नकारा गया है।
वर्जन
बच्चों का भविष्य खराब नहीं कर सकते। इसलिए तीन माह के लिए छह बच्चों को निलंबित किया गया है।
- जेसी पासी, डीन, वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज, गिरावड़।