झज्जर। लंबे समय से किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया लगभग 8 माह बाद सरकार ने खातों में डाल दिया है। इससे आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों को राहत मिली है। अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों को 12 हजार रुपये की राशि खातों में डाली गई है।
झज्जर तथा बहादुरगढ़ क्षेत्र में कई आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इन किराये पर चल रहे केंद्रों को ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग राशि हर माह देना तय किया हुआ है, लेकिन पिछले एक साल से अधिक समय से इन किराये पर चल रही बिल्डिंग का किराया सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा था। इसके चलते आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों को भी परेशानी हो रही थी। इसके लिए कई बार विभाग से मांग की जा चुकी थी, लेकिन अब जाकर विभाग की तरफ से इनका किराया जारी कर दिया है। विभाग द्वारा 8 से 10 माह का किराया फिलहाल जारी किया है जबकि बाकी तीन से चार माह से किराया अभी लंबित रखा गया है। फिलहाल खातों में 12 हजार रुपये की राशि डाली गई है।
मातनहेल व साल्हावास में किराये पर नहीं बिल्डिंग
मातनहेल और साल्हावास में सभी केंद्र पंचायत, स्कूल या फिर खुद की बिल्डिंग में चल रहे हैं। दोनों ही ब्लाक में कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र किराये पर नहीं है।
वर्जन
कई आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया विभाग ने खातों में डाल दिया है। बाकी माह का किराया भी जल्द डाल दिया जाएगा।
प्रियंका, कार्यकारी जिला परियोजना अधिकारी, झज्जर