झज्जर। प्रदेश सरकार के कर्मचारी चयन आयोग के तहत निकाली भर्ती में युवाओं से उनकी जाति पूछकर अपने अनुभवहीन होने का साफ प्रमाण दिया है। सरकार की इस हरकत के बाद यह साफ हो गया है कि भाजपा सरकार महज जातिवाद पर इस देश को बांटना चाहती है और जातिवाद का जहर घोलकर देश की सौहार्दता और आपसी प्रेम को भंग करना चाहती है। आम आदमी पार्टी की झज्जर इकाई ने उक्त आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में आनलॉइन फार्म भरने के दौरान एक नया कॉलम जोड़ा गया है जिसमें विशेष रूप से जाति/कास्ट का उल्लेख करने के लिए कहा गया है। हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा की किसी सरकारी नौकरी के आवेदन के लिए आपको जाति बतानी पड़ेगी। ऐसा प्रावधान देश के किसी भी राज्य में नही है। यदि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पुराने आवेदन फार्म को देखा जाए तो उसमें भी आपकी केटेगरी का जिक्र किया गया है कि नौकरी का आवेदन करने वाला किस केटेगरी का है जिसमें जनरल, एससी, बीसी, बीसीबी इत्यादि लेकिन विशेष तौर पर जाति पूछना पूरी तरह गलत है। नौकरियों में इस प्रकार खुलकर जाति पूछना सरकार की मंशा पर बड़े सवाल खड़ा करती है। इससे भाजपा सरकार के अनुभवहीन कैबिनेट की मानसिकता का पता चलता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि भाजपा देश और प्रदेश में जातिवाद की राजनीति को बढ़ावा देना चाहती है।