बेरी। शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां भीमेश्वरी देवी के दरबार में श्रद्धालु उमड़ पड़े। सुबह से श्रद्धालुओं की मंदिर मे कतार लग गई थी। दरबार को फूलों से सजाया गया। मंगला आरती की गई। उसके बाद मां के दर्शन भक्तों लिए खोल दिए।
दोपहर बाद मां को अंदर वाले भवन में लाया गया। जहां मां को भोग लगाया। उसके बाद अंदर वाले दरबार में मां के भक्तों के लिए दर्शन खोल दिए। भीमेश्वरी देवी का संसार में अकेला मंदिर हैं, जहां पर मां की प्रतिमा तो एक है, लेकिन मां के मंदिर दो हैं। मां का बारी-बारी से दोनों मंदिरों में जाना होता है।
मां भीमेश्वरी देवी को सुबह बाहर वाले मंदिर में सुबह साढ़े चार बजे लाया जाता है, वहीं दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद मां की प्रतिमा को पुजारी गोद में उठाकर शहर के अंदर वाले मंदिर में लेकर जाता है। बाद में मां रातभर अंदर वाले मंदिर में आराम करती हैं। मेले के पहले दिन जमकर भीड़ हुई। मां के दरबार में नवरात्रों के समय दूसरे राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि देवी को सुबह साढ़े 4 बजे बाहर वाले मंदिर में लाया गया, जहां मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। बेरी एसडीएम रविंद्र मलिक ने माता की आरती में शामिल हुए। मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
वर्जन
मेले में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसको लेकर बेरी के भागलपुरी चौक पर नाका लगाया गया है। वहीं दुजाना चौक, शिव चौक पर पुलिस ने नाका लगा रखा है। मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा अलग-अलग शिफ्टों में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है। पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए है कि श्रद्धालुओं से व्यवहार ठीक से करें।-सतवीर सिंह, शहर चौकी प्रभारी