झज्जर। गांव भड़ाना निवासी जयंत वशिष्ठ का चयन क्रिकेट अंडर 14 लड़कों की टीम में दिल्ली राज्य स्कूल गेम 2024-25 सत्र के लिए हुआ है। टीम में चयन के लिए लगभग 300 बच्चों ने ट्रायल दिया था। जयंत की उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है।
ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जयंत वशिष्ठ ने अंतिम 16 में जगह बनाई और जोन 21 का कप्तान भी बनाया गया। जयंत के पिता कृष्ण कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी जट्ट में पीजीटी संस्कृत के पद पर तैनात हैं। माता शशि शर्मा दिल्ली में प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। जयंत वशिष्ठ ने अपने खेल की शुरुआत नेताजी सुभाष क्रिकेट अकादमी झज्जर से कोच नवीन सैनी के निर्देशन में की थी। इसके बाद कोविड-19 महामारी से खेल में व्यवधान आया। परिवार ने जयंत की कोचिंग के लिए दिल्ली में शिफ्ट कर लिया। सबसे पहले दिल्ली में एक क्रिकेट क्लब में कोच अभिषेक मानकोटिया के सानिध्य में कोचिंग शुरु की, लेकिन कुछ दिन बाद ही एक क्रिकेट अकादमी के कोच रामाशंकर के पास कोचिंग शुरू की। कोच रामाशंकर ने जयंत वशिष्ठ की प्रतिभा को बखूबी से पहचाना और निखारा। पिछले साल क्रिकेट अकादमी के साथ-साथ एक क्लब से जयंत जुटे। कोच सुब्रमण्यम और कोच हरप्रीत सिंह के सानिध्य में अभ्यास कर रहे हैं। क्रिकेट में अभी तक जयंत का प्रर्दशन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर 7 विकेट रहा हैं।
ये रहा है प्रदर्शन
जयंत ने 283 मैचों में 51 बार नॉट आउट रहते हुए 5519 रन बनाए हैं, जिसमें 35 अर्धशतक और तीन शतक शामिल हैं जबकि गेंदबाजी में 210 पारी में 248 विकेट हासिल किए। इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर 7 विकेट रहा हैं। इस अवसर पर भदाना गांव के सरपंच पवन शर्मा और ग्रामीणों ने ने परिवार को बधाई दी।
बच्चे को उसकी इच्छा के अनुसार आगे बढ़ाएं
जयंत के पिता कृष्ण का कहना है कि बच्चा वो करे, जिसको करने में उसे आनंद आता हो। उसको वह मन लगाकर करे। शुरू से ही जयंत का रुझान क्रिकेट में रहा था, इसलिए उसको अच्छी कोचिंग दिलवाने के लिए गांव छोड़कर दिल्ली शिफ्ट कर लिया था। उन्हें अपने बडे़ भाई का साथ मिला। उन्होंने भी दिल्ली पुलिस की टीम के लिए बतौर कप्तान क्रिकेट खेला है।