बेरी। पांच करोड़ से बेरी कस्बे में 8 साल पहले बना खेल स्टेडियम सुविधाओं से दूर है। अभ्यास के लिए सामान नहीं है वहीं इसका भवन भी जर्जर होता जा रहा है। स्टेडियम की जिम्मेदारी को लेकर खेल विभाग के अधिकारी व नगर पालिका अधिकारी के बीच पेंच फंसा हुआ है। ये भी इसकी बदहाली की एक वजह है।
वर्ष 2016 में तत्कालीन सीएम मुख्यमंत्री ने बेरी आगमन के दौरान फीता काटकर इसका औपचारिक उद्घाटन भी कर दिया था, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही स्टेडियम की जिम्मेदारी को लेकर खेल विभाग के अधिकारी व नगर पालिका अधिकारी के बीच पेंच फंसा हुआ है। अधिकारियों के नकारात्मक रवैया सरकार की सुगम खेल नीति को सीधे-सीधे पलीता लगाते नजर आ रहा है।नए स्टेडियम की देखरेख के लिए स्थानीय प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। जिससे खिलाड़ी सुविधाओं से दूर हैं।स्टेडियम की देखरेख के लिए चौकीदार तक नहीं है। खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम में बने हॉल कमरे में बने बाथरूम की टाइल टूटी पड़ी और हॉल कमरे में दीवारों पर लगी शीट भी टूटी हुई है। चौकीदार की व्यवस्था न होने से स्टेडियम में असामाजिक तत्व अंदर घुसे रहते हैं।
कोच नवीन बताते है कि बॉक्सिंग खिलाड़ी ब्लॉक स्तर पर, जिला स्तर, राज्य स्तर पर पदक जीतते है। उसके बावजूद भी सरकार की तरफ से बेरी स्टेडियम की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
नवीन कुमार, कोच
स्टेडियम में न तो पीने का पानी है और न ही बिजली की सुविधा है। इससे अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हर्षित, बेरी निवासी
खेल स्टेडियम में न तो कोई सफाई व्यवस्था है। शौचालय में गंदगी जमी हुई और पीने का पानी घर से बोतल लेकर आनी पड़ती है। पिछले कई माह से स्टेडियम में बॉक्सिंग का अभ्यास करने के लिए आ रहा हूं। लेकिन सरकार की तरफ कोई सुविधा न होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अक्षित, ग्राम शेरिया
सरकार ने स्टेडियम बनाने पर करोड़ों खर्च किए हैं तो इसकी देखरेख और सुविधाओं का इंतजाम भी करना चाहिए ताकि खिलाड़ी यहां अभ्यास करके प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।
युद्धवीर, वजीरपुर
खेल स्टेडियम में सरकार की तरफ से कोई सामान की सुविधा नहीं दी गई। शौचालयों में गंदगी जमी हुई है। पीने के पानी के लिए घर से बोतल लानी पड़ती है। प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही का सामना खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है।
भक्ति, ग्राम शेरिया
वर्जन
खेल स्टेडियम की साफ-सफाई अन्य सुविधाओं का जिम्मा नगर पालिका का है। खेल विभाग की तरफ से बेरी स्टेडियम में दो कोच लगे हुए है, जो सुबह शाम खिलाडिय़ों की प्रैक्टिस करवाते है। अगर पालिका स्टेडियम का जिम्मा खेल विभाग को सौंपता है तो स्टेडियम में सुविधाओं का जिम्मा खेल विभाग का होता है।
ललिता, जिला खेल अधिकारी
वर्जन
खेल स्टेडियम में 15 अगस्त व 26 जनवरी को नगर पालिका की तरफ से साफ-सफाई करवाई जाती है। खेल स्टेडियम की सुविधाओं का जिम्मा खेल विभाग को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।
ललित गोयल, सचिव, नगर पालिका बेरी।