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Jhajjar-Bahadurgarh News: होली पर रसायनिक रंगों से रहें सावधान, करें स्वास्थ्य की देखभाल

Mon, 18 Mar 2024 02:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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डॉ. सुंदरम, फिजिशयन नागरिक अस्पताल, बहादुरगढ़।
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बहादुरगढ़। होली रंगों का त्योहार है। इन रंगों में यदि रसायनिक रंग प्रयोग होते हैं तो यह आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं। जरूरत है कि होली पर रसायनिक रंगों से बचा जाए। इससे अस्थमा, त्वचा में संक्रमण और आंखों में जलन जैसी बीमारियां हो सकती हैं। हरे गुलाल में मिलाया जाने वाला कॉपर सल्फेट आंखों में एलर्जी और जलन पैदा करता है। इसके अधिक प्रयोग से आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
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नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि प्राकृतिक रंगों की अपेक्षा रसायनिक रंग सस्ते पड़ते हैं। इस कारण इनका प्रयोग तेजी से और अधिक होता है। जबकि ये त्वचा के लिए समस्या खड़ा करने के साथ कई रोग को जन्म देते हैं। बच्चों की नर्म और मुलायम त्वचा में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। क्योंकि रंगों को चमकीला बनाने के लिए काॅपर सल्फेट व सीसे का पाउडर आदि कई खतरनाक रसायन इसमें मिलाए जाते हैं।


ऐसे तैयार करें प्राकृतिक एवं सुरक्षित रंग

होली पर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल ही सबसे अधिक सुरक्षित है। यह रंग मेहंदी के पत्तों, टेंसू के फूल, हल्दी व बेसन से तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा पेड़ों की छाल से भी बनाए गए रंग भी शरीर के लिए उपयुक्त होते हैं। होली पर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल ही सबसे अधिक सुरक्षित है।
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होली खेलने से पूर्व शरीर पर लगाएं तेल

होली के लिए बाजार में कई तरह के रंग-गुलाल की बिक्री होती है। इससे त्वचा पर कई प्रकार की बीमारी होने की संभावना रहती है। होली खेलने से पहले पूरे शरीर में तेल लगा लेना चाहिए। इससे शरीर पर रंग का असर कम पड़ता है। साथ ही रंगों से नाक, कान और आंख को बचाना चाहिए। होली खेलने से परहेज नहीं, लेकिन रसायनिक रंगों से परहेज करना चाहिए। इन रंगों के प्रयोग से बच्चों के मस्तिष्क पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। रासायनिक रंगों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए आंखों पर धूप का चश्मा व सिर पर टोपी पहनें। रंग छुड़ाते समय होंठ और आंखों का विशेष ध्यान रखें। रासायनिक रंग न केवल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होते हैं बल्कि शरीर के अंगों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
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होली पर ये बरतें सावधानी

- पिचकारी मुंह पर न मारें, आंख में तेजी से पानी लगने से कोर्निया पर जख्म हो सकता है।
- हर्बल रंग से आंखों में एलर्जी की संभावना कम रहती है इसलिए रसायनिक रंगों से बचें और हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें।

- गंदे पानी का प्रयोग न करें क्योंकि इससे आंख में इंफेक्शन हो सकता है।

- जिन बच्चों को चश्मा चढ़ा हुआ है वे चश्मा उतारकर होली खेलें। होली के हुड़दंग में चश्मा टूट सकता है और उसका कांच आंख में भी घुस सकता है।

- चलती गाड़ियों पर पानी न डालें, इससे दुर्घटना की संभावना रहती है।
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