हरियाणा के बहादुरगढ़ शहर के वार्ड-13 की कॉलोनी आर्यनगर में कई गाय/बछड़ियों की रहस्यमय बीमारी से मौत हो गई। इससे गोपालक परेशान हैं। इन बीमार गायों में सुर्रा बीमारी जैसे लक्षण नजर आए थे। पशुपालन विभाग के चिकित्सक अब इस मामले की जांच करेंगे।
आर्यनगर की गली नंबर-6 के निवासी फौजी श्रीनिवास छिकारा पिछले 30 साल से गाय-भैंस पालते हैं। उनकी करीब दो साल की बछिया की गत रविवार को बीमारी से अचानक मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उनकी तंदुरुस्त बछिया शुक्रवार को अचानक बीमार हो गई। उसको तेज बुखार हो गया और तेजी से कांपने लगी। उसके लिए खड़ा होना मुश्किल हो गया।
उन्होंने बुखार की दवा दी। लेकिन आराम नहीं हुआ। ऐसे में उन्होंने एक निजी पशु चिकित्सक को बुलाया। उन्होंने बुखार उतारने के लिए इंजेक्शन लगा दिया। इसके बावजूद बुखार नहीं उतरा और बछिया की मौत हो गई। छिकारा ने बताया कि इस तरह की बीमारी से उनके पड़ोसी संदीप की दो गायों की मौत हो चुकी है। आर्यनगर की गली नंबर-5 में भी एक व्यक्ति की गाय इसी तरह के लक्षणों वाली बीमारी से मर गई। उन्होंने कहा कि एक गाय की असमय मौत से पशुपालक को न केवल हजारों
रुपये का आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि सुर्रा बीमारी जैसे लक्षण देखते हैं तो हमें अपने दूसरे पशुओं की भी चिंता होने लगती है।
उधर, पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. मनीष डबास का कहना है कि सुर्रा बीमारी केवल भैंसों में होती है। आजकल जिले की कोई भैंस भी सुर्रा पीड़ित होने का मामला सामने नहीं आया है। गायों को सुर्रा बीमारी नहीं होती। लेकिन इसके बावजूद पशुपालन विभाग के चिकित्सक आर्यनगर के संबंधित पशुपालकों से मिलकर मामले की जांच करेंगे।
उन्होंने कहा कि सुर्रा पीड़ित पशु को तेज बुखार होता है, तेज कंपकंपी होने लगती है और गाय चारा-पानी छोड़ देती है। दवा देने के बाद बुखार उतर जाता है और कुछ देर बाद फिर बुखार हो जाता है। लेकिन इसी तरह के लक्षण पशुओं की निमोनिया आदि कई तरह की बीमारियों में होते हैं। इसलिए विधिवत जांच से पहले यह नहीं कहा जा सकता कि आर्यनगर में श्रीनिवास छिकारा व अन्य लोगों की गाय किस बीमारी से मरी हैं।