पानी निकासी न होने से सड़क भी टूटी, -दिल्ली-रोहतक यात्री समिति ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। हरियाणा-दिल्ली सीमा पर स्थित टीकरी बॉर्डर पर जलभराव और गंदगी का बुरा हाल है। निकासी न होने के कारण यहां हालात बदतर बने हुए हैं। पानी जमा रहने से जाम की स्थिति रहती है। दिल्ली-रोहतक यात्री समिति के संयोजक सतपाल हाडा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिख समस्या के समाधान की मांग की है।
बहादुरगढ़ शहर से टीकरी बॉर्डर सटा हुआ है। बॉर्डर से निकलते ही एमसीडी टोल के पास पिछले कई वर्षों से जल भराव की समस्या बड़ी बन गई है। इसके समाधान के लिए अनेक बार पत्राचार भी किया जा चुका है परंतु अभी तक जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। समाधान के उद्देश्य से जल निकासी लिए दिल्ली व बहादुरगढ़ प्रशासन के बीच बॉर्डर से मुंगेशपुर ड्रेन तक सड़क के साथ-साथ नाला बनाने के लिए सहमति भी बनी है। टीकरी बॉर्डर से हरियाणा सीमा तक नाले का निर्माण दिल्ली सरकार व हरियाणा मे मुंगेशपुर ड्रेन तक के नाले का निर्माण बहादुरगढ़ प्रशासन द्वारा करवाया जाना है। वर्ष 2018 में नाले का निर्माण कार्य आरंभ भी हुआ, परंतु 2019 में कोविड महामारी फैलने व उसके बाद 13 महीने तक हरियाणा सीमा में किसान आंदोलन के चलते नाला निर्माण में व्यवधान रहा। अब किसान आंदोलन को समाप्त हुए डेढ़ वर्ष से भी ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अब तक भी यह नाला तैयार नहीं हो पाया है।
जितना नाला बना वह घटिया निर्माण सामग्री की वजह से कभी कहीं से तो कभी कहीं से क्षतिग्रस्त हो जाता है। पांच साल से भी अधिक होने पर भी इस 1.5 किलोमीटर नाले का निर्माण न होने से टीकरी बॉर्डर पर आठ मीटर चौड़ी सड़क पर पानी जमा रहता है। बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को इस गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। यह हालत तो बिना बारिश के होती है यदि बारिश हो जाए तो जल भराव 8 मीटर से बढ़कर 50 मीटर से भी ज्यादा हो जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता सतपाल हाड़ा ने कहा कि टीकरी बॉर्डर से देश की राजधानी दिल्ली आरंभ हो जाती है। राष्ट्रीय राजधानी के प्रवेश द्वार पर ही ऐसी अव्यवस्था दिल्ली में हो रहे विकास कार्यों की स्थिति बयां करती है। इससे आम आदमी के जहन में गलत संदेश जाता है। दो दिनों से हो रही बारिश के बाद हालात बदतर हो गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री को इसका समाधान तुरंत करवाना चाहिए।