फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhajjar-Bahadurgarh News: आयु व तृषा के पिता बोले- हादसे में मेरा सब कुछ मिट गया, बेटियां रहीं न पत्नी बची

Thu, 27 Jul 2023 01:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में शवों को लेने के लिए पहुंचे मृतका कीर्ति के परिजन। संवाद
विज्ञापन
पंकज रोहिल्ला
विज्ञापन


बहादुरगढ़। राजस्थान के अजमेर शरीफ और खाटू श्यामजी के दर्शन करके अपने घर मेरठ कैंट लौट रहे परिवार के तीन सदस्यों को खो देने के बाद पिता और नाना-नानी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे में मौत का शिकार हुईं दो नन्ही बच्चियों के पिता और महिला के पति विकास जब बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में पहुंचे तो उन्हें एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ कि इतना बड़ा हादसा हो गया। घटना का पता चलने के बाद विकास बोले, इस हादसे में मेरा सब कुछ मिट गया है। मेरा कुछ नहीं रहा। इस हादसे में मुरादाबाद के एक युवक की भी मौत हो गई।

मृतका महिला कीर्ति (28) की मां रमा देवी व पिता प्रदीप कुमार ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 5-6 साल पहले हुई थी। परिवार में दो बच्ची आयु (2) व तृषा (4) थी। परिवार खुशी-खुशी पल रहा था। बुधवार की सुबह ऐसी अनहोनी हुई कि परिवार ही उजड़ गया। अब परिवार में केवल उनके दामाद विकास ही बचे हैं। हमारी दूसरी बेटी अंजलि की भी हालत गंभीर है। वह पीजीआईएमएस रोहतक में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। (संवाद)
विज्ञापन

विकास ने बताया कि जब उन्हें इस हादसे की जानकारी मिली तो वे उत्तराखंड के देहरादून में थे। सूचना मिलते ही वहां से तुरंत मेरठ पहुंचे और सास-ससुर को लेकर बहादुरगढ़ पहुंचे। घटना को बताते हुए वह फफक-फफक कर रो पड़े। नन्ही बच्ची आयु व तृषा के नाना-नानी का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। नाना को तो कीर्ति व उनकी दोनों बच्चियों की जान जाने की जानकारी काफी देर बाद दी गई।
दरअसल, वे दिल के मरीज हैं। इसलिए परिवार के सदस्यों ने जानकारी छिपाई। हालांकि बाद में जब उन्हें पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे गए तो वे भी रोने लगे। परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें काफी देर तक चुप कराया। रमा देवी ने बताया कि उनकी दूसरी बेटी अंजलि मेरठ में ही एक बिल्डर के यहां कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। हमजा उनके साथ ही कार्यालय में काम करता था। मुरादाबाद के रहने वाले हमजा (34) भी इस हादसे में मौत का शिकार हुए हैं। हमजा के परिजन भी यहां पहुंचे।



चालक अरुण बोले-हादसा देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए

जहां मैंने कार पार्क की थी, वहां उनके आगे एक ट्रक भी खड़ा था। कार पार्क करके लघुशंका के लिए गया ही था कि पीछे से तेज गति से आए एक कैंटर चालक ने कार को जबरदस्त टक्कर मार दी। कार आगे खड़े ट्रक में जा घुसी। कैंटर चालक को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग गया। हादसा देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए।
विज्ञापन

मैं काफी देर तक चिल्लाता रहा। सड़क पर चलते वाहनों को रुकने का इशारा किया, लेकिन कई देर तक किसी ने भी गाड़ी नहीं रोकी। कुछ समय बाद एक ट्रक चालक ने वाहन को रोका। इसके बाद काफी वाहन रुक गए। पुलिस को फोन किया गया। गाड़ी के अंदर से शवों को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन क्रेन आने के बाद ही शवों को निकाला जा सका।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें