झज्जर। जिले में हर साल आंख दान करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस साल अब तक 467 लोगों ने नेत्रदान करने के लिए शपथ पत्र भर चुके हैं।
इसके लिए सिविल अस्पताल में भी नेत्र बैंक बनाया गया है। पिछले साल जिले के तीन लोगों ने नेत्रदान किया था, जिससे 6 लोगों को रोशनी मिल सकी थी। नेत्र बैंक में आमतौर पर 2 से 70 साल के बीच के लोगों से ही दान लिया जाता है। एचआईवी और ब्लड कैंसर के रोगियों को छाेड़कर सभी लोग आंखें दान कर सकते हैं। किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिजन उसकी आंखों को दान करना चाहते हैं तो चिकित्सक टीम मौके पर पहुंचकर आंख एकत्रित करती है। नेत्रदान के लिए सर्दियों के महीनों को अच्छा माना जाता है।
पिछले पांच साल में बढ़ी पजीकरण करवाने वालों की संख्या
आंख दान के लिए पंजीकरण करवाने वालों की संख्या हर साल लगातार बढ़ती जा रही है। वर्ष 2020 में 117 लोगों ने पंजीकरण करवाया था। 2021 में 133, 2022 में 313, 2023 में 418, 2024 में अब तक 476 लोगों ने पंजीकरण करवाया है, जबकि अभी चालू वित्त वर्ष के खत्म होने में छह माह बाकी है।
पिछले चार साल में 8 लोगों ने किया नेत्रदान
जिले में पिछले चार सालों में 8 लोगों ने नेत्रदान किया है। 2020 में दो, 2021 में एक, 2022 में दो, 2023 में तीन लोगों ने आंख दान की।।जिले में चार सालों में आठ जोड़ी आंखों के दान किए जा चुके हैं। इससे 16 लोगों को रोशनी मिली है। पीड़ितों के साथ-साथ परिवार वालों को भी राहत मिली है। वहीं एक साल में गुभाना माजरी गांव के तीन लोगोंं ने आंख दान की है।
वर्जन
जो लोग देख नहीं सकते, ऐसे लोगों के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग गांवों, स्कूल, कॉलेजों में समय-समय पर नेत्रदान के लिए पंजीकरण कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करती है। पंजीकरण करवाने के लिए पास के सरकारी अस्पताल में या 108 पर फोन कर पंजीकरण करवा सकते हैं।-
डॉ. मीनू त्रिगाेत्रा, नेत्र सर्जन, सिविल अस्पताल