-फोटो 51 : यूपीएसी में 39वीं रेंक हासिल करने वाली दीप्ति रोहिल्ला का स्वागत करते पारिवारिक मित्
बहादुरगढ़। मूल रुप से टिकरी कला गांव के रहने वाले परिवार की दीप्ति ने यूपीएससी परीक्षा में 39 रैंक पाकर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन किया है। दीप्ति इन दिनों परिवार के साथ गुरुग्राम में रहती है। दीप्ति के अनुसार वर्ष 2018 में उसने 12वीं कक्षा में स्कूल टॉप किया तो जिला उपायुक्त (डीसी) गुरुग्राम ने उसे सम्मानित किया। उसी दिन उसने ठान लिया कि एक दिन वह भी आईएएस अधिकारी बनेगी। इसके बाद मजबूत हौंसले लेकर तैयारी की। परिवार का भरपूर सहयोग मिला और आज दीप्ति का सपना पूरा हो गया। अब टिकरी गांव बेटी के सम्मान की तैयारी में जुटा है।
डीसी गरुग्राम विजय प्रताप सिंह से सम्मानित होने के बाद अपने इसी लक्ष्य को टिकरी कलां की 23 वर्षीय दीप्ति रोहिल्ला मजबूत हौसले के साथ तैयारी में जुट गई। दीप्ति का उद्देश्य आईएएस बनकर नारी शक्ति को बढ़ावा देना और समाज के लिए कार्य करना है। दीप्ति परिवार के साथ गुरुग्राम के मारुति कुंज में रह रही है। दीप्ति के पिता कमल रोहिल्ला मारुति उद्योग केंद्र में सीनियर इंजीनियर है। माता अंजू रोहिल्ला हरियाणा में अध्यापक हैं। दीप्ति ने बताया कि 10वीं और 12वीं की पढ़ाई उन्होंने डीपीएस मारुति कुंज से की थी। 12वीं की कक्षा में स्कूल में टॉपर रही। इसी दौरान जिला उपायुक्त विजय प्रताप सिंह से सम्मानित हुई और मन में ठान ली कि अब उसे भी आईएएस बनकर समाजसेवा और नारी शक्ति को बढ़ावा देना है। उसी दिन से अपना लक्ष्य तय कर लिया। अब इस लक्ष्य को हासिल करने के बाद दीप्ति बेहद खुश है। दीप्ति ने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज में दाखिला लिया। दिल्ली में दो साल तक यूपीएससी की कोचिंग लेने के साथ-साथ घर पर भी 10 घंटे पढ़ाई करती थी। दीप्ति हॉकी खेल की अच्छी खिलाड़ी रही है। दीप्ति ने बताया कि उनके भाई दीपांशू रोहिल्ला आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटके कर रहे हैं। बहादुरगढ़ से बधाई देने वालों में सोनू रोहिल्ला, सुनील रोहिल्ला, हर्ष रोहिल्ला, अनिल रोहिल्ला, नरेंद्र रोहिल्ला के अलावा अन्य शामिल हैं। वहीं बाहरी दिल्ली के निगम पार्षद गजेंद्र दराल ने भी दीप्ति को बधाई दी है। गजेंद्र ने बताया कि जल्द ही दीप्ति के सम्मान में टिकरी कलां गांव में एक कार्यकम आयोजित किया जाएगा। जिसमें न केवल दीप्ति बल्कि दीप्ति के परिवार को भी सम्मानित किया जाएगा। टिकरी गांव के ग्रामीणों ने कहा कि दीप्ति ने यह लक्ष्य हासिल करके न केवल अपना, अपने परिवार का बल्कि टिकरी गांव का भी मान बढ़ाया है।