झज्जर। सीआईए-2 बहादुरगढ़ की टीम ने भैंस चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में हरियाणा के अलग-अलग जिलों में भैंस चोरी की 30 से अधिक वारदातों का खुलासा हुआ है।
अकेले झज्जर जिले में भैंस चोरी की 22 वारदातों को अंजाम दिया है। इनमें से एक आरोपी 5 हजार रुपये का इनामी बदमाश है। पकड़े गए तीन आरोपियों में से दो सगे भाई हैं। इसमें से एक आरोपी अभी दो माह पहले ही झज्जर अदालत से जमानत पर छूटा था।
एसीपी शमशेर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 14 जून को जगबीर निवासी गिजाडौद ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 13 जून की रात को उसने अपनी भैंस अपने मकान के सामने बांध रखी थी।
जब उन्होंने सीसीटीवी कैमरे में चैक किया तो भैंस वहां पर नहीं मिली, जिसके बाद वह अपने भाई के लड़के के साथ गांव की फिरनी पर पहुंचा, जहां पर तीन-चार लड़के भैंस को पिकअप गाड़ी में चढ़ा रहे थे। उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी पिटाई की और उनका पर्स छीनकर भैंस लेकर ले गए।
थाना सदर झज्जर में आरोपियों के खिलाफ लूटपाट का आपराधिक मामला दर्ज कर जाल बिछाकर इनकी तलाश में जुटी थी। मुखबिर भी सक्रिय कर रखे थे इसी के चलते मंगलवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक पिकअप गाड़ी छारा बाईपास पर खड़ी है, जो किसी भैंस चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
कार्रवाई करते हुए निरीक्षक रविंद्र के नेतृत्व में उप निरीक्षक आजाद सिंह की सीआईए-2 बहादुरगढ़ टीम छारा बाईपास के नजदीक पहुंची। सीआईए की टीम को आरोपियों पर शक हुआ और उनसे पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हरियाणा में भैंस चोरी की वारदातों का खुलासा किया। आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के बघरा निवासी रिवान, मुजफ्फरनगर के तितावी कस्बे के फैजान और उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना कस्बा के मोहल्ला दरबार खुर्द निवासी रिजवान के तौर पर हुई।
इसमें रिवान और फैजान दोनों सगे भाई है। आरोपी रिजवान पर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम भी रखा हुआ है।आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें अदालत में पेश किया गया। इनमें से दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तीसरे आरोपी रिजवान को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया।