झज्जर। आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय पर धरना दिया। धरने के बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर जिला प्रधान बालेश जाखड़, सचिव प्रकाशी देवी ने कहा कि हरियाणा में 52 हजार आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर की मांगे पिछले कई सालों से लंबित हैं। उन्हें अपनी मांगों के लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि 2018 में दिवाली का तोहफा कहकर पीएम ने 1500 और 750 रुपये बढ़ाने का ऐलान किया था, लेकिन यह तोहफा 5 दिवाली जाने के बाद भी आज तक नहीं दिया गया। अब सरकार बढ़ोत्तरी के नाम पर वर्कर को 1339 व हेल्पर के 719 रुपये देकर वाहवाही लूटना चाहती है। हम इस बढ़ोतरी से नाखुश हैं। हमें बढ़ोतरी एरियर समेत मिले और सितंबर 2022 से लगने वाली महंगाई भत्ते की किस्त को शीघ्र लागू की जाए। अपनी मांगों के लिए 28 नवंबर को प्रदेशभर के कर्मचारियों ने मुख्यालय पंचकूला में प्रदर्शन किया था। जिला प्रधान बालेश जाखड़ ने कहा कि विभाग के अधिकारियों ने हमारे प्रतिनिधियों से शीध्र सभी समाधान करने का वायदा किया था, जो आज तक पूरा नहीं किया गया। सरकार वर्करों को कोई साधन उपलब्ध नहीं करवा रही बल्कि अधिकारी दबाव बनाकर उनको ऑनलाइन काम के लिए मजबूर कर रहे हैं और कई महीनों से आंगनबाड़ी केंद्र का किराया तक उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं। इस अवसर पर कैशियर सुरेश बेरी, उप प्रधान सुनीता छुड़ानी, ब्लाक प्रधान सुनीता रावा, रेखा, संतोष, राजेश, सुनीता, अन्नू, सीमा मौजूद रहे।