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Jhajjar-Bahadurgarh News: आपके नाम का एक लिफाफा आया है... मैसेज से रहें सावधान, भूलकर भी क्लिक न करें

Thu, 25 Jul 2024 06:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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बहादुरगढ़। डिजीटल युग में चिट्ठी-पत्री अब बीते जमाने की यादें बनकर रह गई हैं हालांकि आज भी लिफाफे, पैकेट, पार्सल या तीज त्योहार के गिफ्ट देश-दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचाने के लिए सबसे विश्वसनीय है। अब देश-विदेश में बैठे साइबर ठगों ने डाक विभाग के नाम से भी अपना ठगी शुरू कर दी है। त्योहारी सीजन आते ही इनका खेल शुरू हो गया है।
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स्कैमर्स लोगों के पास एक लिफाफा पैकेट आया है के मैसेज भेज ठगी की कोशिश कर रहे हैं। बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा ने आमजन से इस तरह के मैसेज को न खोलने और मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि साइबर ठगों की ओर से पोस्ट ऑफिस के नाम से लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है। यह मैसेज ऐसा है कि तुरंत असली-नकली का फर्क कर पाना मुश्किल है। मैसेज में लिखा होता है कि आपके नाम का एक लिफाफा/पैकेट आया है, लेकिन पता गलत या अधूरा लिखा होने की वजह से पोस्टमैन को इसे आप तक पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। मैसेज के साथ ही एक लिंक होता है। जिस पर क्लिक करके उसमें डिटेल्स भरने को कहा जाता है। ऐसे मैसेज को लेकर भारतीय डाक विभाग ने भी लोगों को अलर्ट किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अब त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में तीज, रक्षा बंधन पर एक-दूसरे को गिफ्ट भेजने का दौर भी शुरू हो गया
है। मैसेज के लिंक पर क्लिक करके उसमें जानकारी भरने पर सिम ब्लॉक या मोबाइल का एक्सेस साइबर ठगों के हाथ में जाने का खतरा रहता है। यह मैसेज इंडिया पोस्ट के नाम से होता है। मैसेज में एक वेब लिंक होता है। उस लिंक पर जाकर लोगों को अपना पता अपडेट करना होता है। लोगों से बोला जाता है कि अपना पता अपडेट नहीं करोगे तो उनका पैकेट अनडिलिवर्ड में डाल दिया जाएगा। इसी तरह के मैसेज लोगों के पास आ रहे हैं। साथ ही लोगों से कहा जाता है कि आपका पैकेट पोस्ट ऑफिस में पड़ा है। इस कारण आपको 12 घंटे के भीतर एसएमएस के अंदर दिए गए वेब बलंक के जरिये अपना एड्रेस अपडेट करना होगा। फोन करने वाले अपने आप को इंडिया पोस्ट का अधिकारी बताते हैं। इसी के चलते लोग अपना पूरा पता अपडेट कर देते हैं। पता अपडेट करते ही लिंक आपको अगले पेज पर ले जाती है। यहां आपको रीडिलीवरी के लिए 50 या 100 रुपये का चार्ज देने को कहा जाता है। छोटी रकम होने की वजह से लोग अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल्स भरकर पेमेंट कर देते हैं। इसी गलती की वजह से उनकी जानकारी स्कैमर्स के पास पहुंच जाती है।
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वर्जन...

आमजन को साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस की तरफ से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को भी सचेत रहने की जरूरत है। मोबाइल पर किसी भी तरह की कॉल या लिंक आता है तो उसे रिसीव न करें। अगर किसी भी तरह की ठगी होती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। त्योहारी सीजन में साइबर ठग ज्यादा एक्टिव हो रहे हैं।

-मयंक मिश्रा, डीसीपी बहादुरगढ़।



वर्जन...

साइबर ठगों की ओर से पोस्ट ऑफिस के नाम से जो भी मैसेज लोगों के पास आते हैं। पहले उसकी जांच करें। उसके बाद ही आगे बढ़े। साइबर ठग लोगों को अपनी बातों में उलझाकर उनके साथ ठगी करते हैं। इनसे बचाव की जरूरत है।
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-संजीव कुमार, पोस्ट मास्टर, बहादुरगढ़।
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