सामान्य अस्पताल के परिसर में जिला स्वास्थ्य विभाग झज्जर में कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों ने एमडी मिशन निदेशक एमनएचएम को सिविल सर्जन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। वहीं उन्होने एनएचएम कर्मियों के निलंबन की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया।
एनएचएम कर्मचारियों ने बताया कि जींद, मेवात, सिरसा के कर्मचारियों को बगैर किसी नोटिस के निलंबित कर दिया है जिसको लेकर जिले के एनएचएम कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं जिसकी जिम्मेदारी विभाग व सरकार की होगी।
एनएचएम झज्जर के प्रधान अरुण वर्मा ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के साथ सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबाने का कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश की कुछ जिलों से कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है जिसका एनएचएम कर्मचारी पुरजोर विरोध करते हैं। नागरिक अस्पताल झज्जर में सरकार की ओर से भेजी गई निलंबन की प्रतियों को जलाया गया व 2 घंटे पेन डाउन किया गया। इसके बाद एनएचएम कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंचकर सिविल सर्जन को मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर डिवाइस मैनेजर अंजू पूनम बीएसडब्ल्यू, भूपेंद्र ईएमटी, संजय आरटीएस, नर्सिंग ऑफिसर मीनाक्षी, नर्सिंग ऑफिसर आरती नर्सिंग ऑफिसर मुकेश व कर्मचारी साथियों सहित अन्य कार्यालय स्टाफ के साथियों ने भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
एनएचएम कर्मचारियों की मांगे
सरकार की ओर से निलंबित किए कर्मचारियों को वापिस लिया जाए, जॉब सिक्योरिटी, वेतन विसंगति, सातवां वेतन आयोग, हड़ताल के दौरान काटी गई सैलरी सहित अन्य मांगे शामिल हैं।